महासमुंद , दिसंबर 15 -- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोल्दा से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां नाबालिग बेटे के साथ हुई अमानवीय पिटाई और अपमान से आहत किसान पिता ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली।
यह घटना 12 अक्टूबर को हुयी थी और अगले दिन पीड़ित के पिता देव कुमार साहू ने कीटनाशक पीकर मौत को गले लगा लिया। दो महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा समय पर इस मामले पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित परिवार को अब न्याय की उम्मीद जगी है।
परिजनों ने बताया कि पुलिस ने करीब दो महीने तक मामले को जांच के नाम पर लंबित रखा। अंततः बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के हस्तक्षेप के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत सोमवार को मामला दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम कोल्दा निवासी किसान देव कुमार साहू का नाबालिग बेटा गांव की एक किराना दुकान में काम करता था। दुकान संचालक गिरवर चक्रधारी ने बच्चे पर 500 रुपये चोरी का आरोप लगाते हुए उसे निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा। जब बच्चे के पिता देव कुमार साहू आरोप की सच्चाई जानने दुकान पहुंचे, तो दुकानदार और उसके बेटों ने उनके साथ भी गाली-गलौज और मारपीट की।
बेटे के साथ हुये अमानवीय व्यवहार से किसान देव कुमार साहू 12 अक्टूबर की घटना के बाद मानसिक रूप से परेशान हुआ। अगले ही दिन 13 अक्टूबर को उसने घर में रखा कीटनाशक पी लिया और उसकी मौत हो गयी।घटना के बाद परिजनों ने पुलिस से लगातार न्याय की मांग की, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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