भरतपुर, 02 (वार्ता) राजस्थान में भरतपुर के यौन अपराध बाल संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम न्यायालय ने नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी को सोमवार को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

विशिष्ट न्यायाधीश सचिन गुप्ता ने अभियुक्त विश्वेंद्र को छात्रा से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।

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