बैतूल , जनवरी 15 -- मध्यप्रदेश की बैतूल जिले में नाबालिग बालिका की तस्करी के एक गंभीर मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो अधिनियम) ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो लोगों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने कल इस मामले में फैसला सुनाते हुए कमल कुमरे और आशीष धुर्वे को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रत्येक पर 21-21 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।

मामला एक अगस्त 2023 का है। पीड़िता की मां ने 2 अगस्त को सारणी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार उनकी नाबालिग बेटी दोपहर के समय गांव में गाय चराने गई थी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटी। परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला, तो पुलिस में शिकायत की गई।

बाद में पुलिस द्वारा बच्ची की दस्तयाबी की गई। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर जबरन कार में बैठाकर पहले बैतूल और फिर नागपुर ले गए। वहां उसे बेचने का प्रयास किया गया। इस दौरान आरोपियों ने उसके साथ अशोभनीय हरकतें भी कीं। जैसे ही पुलिस का दबाव बढ़ा, आरोपी बच्ची को गांव के पास छोड़कर फरार हो गए और जाते समय उसे जान से मारने की धमकी भी दी।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और गवाह पेश किए। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक वंदना शिवहरे ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया। इस प्रकरण में शामिल एक अन्य आरोपी अनीता को पहले ही न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है।

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