खैरागढ़ , अप्रैल 01 -- छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले का महज 12 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिसका खुलासा आज पुलिस ने किया ।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रार्थी शैलेन्द्र वर्मा ने 29 मार्च 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग पुत्री, जो ग्राम पिपरिया में एक विवाह समारोह में शामिल होने गई थी, 28 मार्च की रात से लापता है। मामले में अपहरण की आशंका पर अपराध क्रमांक 133/2026 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदेही मोहन वर्मा (27) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसका नाबालिग से पिछले एक वर्ष से प्रेम संबंध था। बालिका द्वारा साथ रहने और विवाह के लिए दबाव बनाने पर उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।

योजना के तहत 28 मार्च की रात आरोपियों ने बालिका का मोटरसाइकिल से अपहरण किया और पहचान छिपाने के लिए उसके कपड़े बदलवाए तथा मोबाइल फोन तोड़ दिया। इसके बाद सभी डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन से वेनगंगा एक्सप्रेस में सवार हुए। बिलासपुर के जयरामनगर रेलवे स्टेशन के आगे चलती ट्रेन से बालिका को धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई।

पुलिस जांच में आरोपियों की गतिविधियां विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी कैमरों में कैद मिलीं, जिसमें खैरागढ़, डोंगरगढ़ और अकलतरा रेलवे स्टेशन शामिल हैं। घटना के बाद आरोपियों द्वारा साक्ष्य मिटाने के प्रयास भी सामने आए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों में मोहन वर्मा (ग्राम चिचोला) और हरीश वर्मा (ग्राम अछोली) शामिल हैं, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।

मामले में आरोपियों को 1 अप्रैल 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में खैरागढ़ थाना, साइबर सेल तथा मस्तूरी (बिलासपुर) पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित