कोरबा , जनवरी 06 -- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के कथित अपहरण के मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि दस हजार रुपये और बकरे के बदले पुलिस ने आरोपी युवक को छोड़ दिया, जिसके बाद नाबालिग किशोरी घर पहुंचने के आधे घंटे के भीतर बिना बताए युवक के साथ चली गई।
मामले को लेकर पीड़िता के परिजन मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक के नाम लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। परिजनों का आरोप है कि थाना स्तर पर की गई पुलिसिया कार्यवाही संदिग्ध रही और आरोपी युवक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायत में परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी युवक शनि से एसआई कुर्रे एवं आरक्षक मधुकर ने दस हजार रुपये लिए तथा बकरे की मांग भी की।
परिजनों का कहना है कि पुलिस ने नाबालिग से यह कहकर बयान दर्ज कराया कि वह इसके बाद आरोपी युवक के साथ जा सकती है। यह बात नाबालिग के मन में बैठ गई और वह करीब आधे घंटे बाद ही घर से बिना बताए चली गई।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा की गई इस कार्यवाही से न केवल आरोपी को संरक्षण मिला, बल्कि नाबालिग किशोरी को भी मानसिक रूप से प्रभावित किया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर ने बताया कि नाबालिग के पिता द्वारा शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा एसडीओपी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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