रांची , जनवरी 09 -- झारखंड के गिरिडीह जिले के बगोदर क्षेत्र के पाँचों भारतीय मजदूर पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर में आतंकियों द्वारा अपहृत किए जाने के बाद अब सुरक्षित भारत वापस लौट आए हैं।
सभी मजदूर वर्तमान में मुंबई में हैं, जहाँ उनका स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक सरकारी व कानूनी औपचारिकताएँ पूरी की जा रही हैं। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद वे शीघ्र ही अपने-अपने घर लौटेंगे। यह जानकारी आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता संजय मेहता ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी।
सुरक्षित लौटने वाले मजदूरों में संजय महतो, चंद्रिका महतो, फलजीत महतो, राजू महतो और उत्तम महतो शामिल हैं। इनका अपहरण 25 अप्रैल 2025 को नाइजर की राजधानी नियामे से लगभग 115 किलोमीटर दूर तिल्लाबेरी (सकोइरा क्षेत्र) में हुआ था। सभी मजदूर कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड की पावर ट्रांसमिशन परियोजना में कार्यरत थे। इस घटना में 12 नाइजर सैनिकों की भी जान चली गई थी।
घटना की जानकारी मिलते ही हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी एवं आजसू के वरिष्ठ नेता संजय मेहता ने विदेश मंत्रालय को पूरे मामले की लिखित और विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने 30 अप्रैल, 2 मई, 4 मई, 22 मई और 23 मई 2025 को लगातार पत्राचार कर मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर आर्थिक सहायता दी और उन्हें निरंतर भरोसा दिलाया।
संजय मेहता के प्रयासों के बाद विदेश मंत्रालय सक्रिय हुआ। विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, नाइजर में भारत के राजदूत, नाइजर के सेना प्रमुख, माली, बुर्किना फासो, नाइजीरिया सहित पड़ोसी देशों में भारतीय राजनयिक मिशनों और अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया गया।
9 मई 2025 को भारतीय राजदूत की नाइजर के सेना प्रमुख से हुई बैठक में मजदूरों की सुरक्षित रिहाई का भरोसा दिया गया था। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण माली को भी राजनयिक स्तर पर सक्रिय किया गया, जबकि रेड क्रॉस ने मानवीय नेटवर्क के माध्यम से मध्यस्थता में अहम भूमिका निभाई।
इस दौरान संजय मेहता स्वयं दिल्ली स्थित नाइजर गणराज्य के दूतावास पहुँचे और अपहृत भारतीय मजदूरों की शीघ्र रिहाई व सुरक्षित स्वदेश वापसी को लेकर औपचारिक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर मजदूरों की सुरक्षित वापसी का आग्रह किया और विदेश मंत्रालय, दूतावास, कंपनी प्रबंधन तथा अन्य संबंधित विभागों से लगातार संपर्क बनाए रखा।
लगातार प्रयासों, उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से समन्वय के परिणामस्वरूप पाँचों मजदूर सुरक्षित भारत लौट आए। इसे एक बड़ी मानवीय और कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है।
इस अवसर पर संजय मेहता ने कहा कि झारखंड के हमारे पाँचों भाई सुरक्षित देश लौट आए हैं, यह अत्यंत संतोष और राहत का विषय है।
शुरुआत से ही हमारा संकल्प था कि जब तक वे सुरक्षित वापस नहीं आ जाते, प्रयास जारी रहेंगे। परिवारों ने जो पीड़ा झेली है, उसका हमें पूरा एहसास है और आगे भी हर पीड़ित के साथ खड़े रहेंगे।
भारत वापसी की पुष्टि होते ही संजय मेहता ने सबसे पहले सभी पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से फोन पर संपर्क कर शुभ सूचना दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मजदूरों के पूरी तरह स्वस्थ होकर घर पहुँचने तक वे स्वयं मामले पर निगरानी रखेंगे। साथ ही, कंपनी प्रबंधन से समन्वय कर परिवारों को आर्थिक सहायता और मजदूरों की मासिक सैलरी जारी रहने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
गिरिडीह के बगोदर क्षेत्र के दोनदलों और मुंडरो पंचायत में अब खुशी और राहत का माहौल है। परिवारों ने भारत सरकार और संजय मेहता के प्रयासों के प्रति आभार जताया है।
प्रेस कांफ्रेंस में आजसू पार्टी के केंद्रीय सदस्य डॉ. रोहित महतो, केंद्रीय सदस्य अनुराग पांडेय, युवा आजसू के महानगर अध्यक्ष अमित यादव, छात्र आजसू के प्रताप सिंह और अमन साहू उपस्थित थे।
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