नयी दिल्ली , अक्टूबर 27 -- प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) के पणजी क्षेत्रीय कार्यालय ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी और धन शोधन मामले की चल रही जांच में तंजानिया और ज़िम्बाब्वे के दो विदेशी नागरिकों समेत सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आरोपियों में तंजानियाई नागरिक-वेदास्तो औडैक्स , ज़िम्बाब्वे नागरिक-मासूम उइके, चिराग दुधात, तारिरो ब्राइटमोर मंगवाना और भारतीय नागरिक- रेशमा वाडेकर, मंगेश वाडेकर और निबू विंसेंट शामिल हैं। यह जांच गोवा पुलिस की अपराध शाखा द्वारा लाओस से भारत में 4.325 किलोग्राम कोकीन की तस्करी के संबंध में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई।

इससे पहले 19 अगस्त को ईडी ने दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में देशव्यापी तलाशी अभियान चलाया था। अभियान के दौरान डिजिटल साक्ष्य, आपत्तिजनक दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए और कई बैंक खातों को ज़ब्त किया गया, जिनके धनशोधन से जुड़े होने का संदेह है।

जांच के दौरान मंगवाना को अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध आय को वैध बनाने में उसकी केंद्रीय भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था। जांच में पाया गया कि उसने ड्रग कूरियर के रूप में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की यात्रा की व्यवस्था की और उन्हें वित्तपोषित किया, और मुख्य आरोपी वेदास्तो ऑडैक्स से कमीशन प्राप्त किया।

ईडी ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में रेशमा वाडेकर की 45.15 लाख रुपये की संपत्ति भी ज़ब्त की है, जिसने मार्च 2025 में वियनतियाने से 4.3 किलोग्राम कोकीन भारत लाई थी।

सूत्रों ने बताया कि वित्तीय जांच से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी 88.14 लाख रुपये की आपराधिक आय का पता चला है। जांच में गोल्डन ट्रायंगल, मध्य पूर्व, नेपाल और बांग्लादेश से संचालित होने वाले अंतरराष्ट्रीय रैकेट से संबंधों का पता चला है। अवैध आय से अर्जित अतिरिक्त लाभार्थियों, सुविधादाताओं और संपत्तियों की पहचान के लिए जांच जारी है। ईडी ने नशीली दवाओं की तस्करी से अर्जित धन को छिपाने के लिए फर्जी संस्थाओं और बेनामी खातों के इस्तेमाल का भी पता लगाया है।

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