रायपुर , दिसंबर 31 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के नशा और पर्यावरण को लेकर दिए गए बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और पर्यावरण संरक्षण पर केवल चिंता जताने से कोई समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि इसके लिए जिम्मेदार सरकारों से ठोस सवाल पूछने होंगे।
दीपक बैज ने कहा कि देश और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भाजपा की सरकारें हैं और केंद्र में भी भाजपा का शासन है। ऐसे में यदि छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में ड्रग्स, अफीम, गांजा, हीरोइन, नकली व अवैध शराब का खुलेआम कारोबार हो रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकारों की विफल नीतियों पर आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा पार से नशे की खेप देश में पहुंच रही है और गली-मोहल्लों तक नशे का नेटवर्क फैल चुका है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई का अभाव है।
गुजरात के मुंद्रा पोर्ट में पकड़े गए हजारों करोड़ रुपये के नशीले पदार्थों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस पर भी केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल में नशाखोरी और आपराधिक गतिविधियों में तेजी आई है। सूर्यास्त के बाद कई इलाकों में खुलेआम नशे का सेवन हो रहा है, जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इसे सरकार की गंभीर असफलता बताया और तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की।
पर्यावरण के मुद्दे पर दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार जल, जंगल और जमीन की अनदेखी कर रही है। खनिज संसाधनों के दोहन के नाम पर बड़े पैमाने पर वनों की कटाई की जा रही है और पेसा कानून का उल्लंघन हो रहा है। हसदेव, तमनार, धरमजयगढ़, मैनपाट, बैलाडीला, कांकेर, किरंदुल और बचेली जैसे क्षेत्रों में खनन के लिए जंगल काटे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मामलों पर संघ प्रमुख की चुप्पी क्यों है और सरकारों से जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही है।
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