लखनऊ , जनवरी 01 -- नववर्ष 2026 के मौके पर गुरुवार को लखनऊ में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। शहर के प्रमुख मंदिरों, गुरुद्वारों और जैन धार्मिक स्थलों में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इससे यह साफ हो गया कि लखनऊ अब केवल प्रशासनिक राजधानी ही नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन का भी एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।
नववर्ष के पहले दिन अलीगंज नया हनुमान मंदिर, हनुमान सेतु, मनकामेश्वर मंदिर, चंद्रिका देवी मंदिर, हनुमंत धाम, आलमबाग हनुमान मंदिर सहित शहर के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों में विशेष आरती, भजन-कीर्तन, शोभायात्रा, हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन हुआ, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
अलीगंज स्थित नए हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी जगदंबा प्रसाद ने बताया कि नववर्ष पर मंदिर को 501 किलो फूलों से सजाया गया था और पूरे दिन भंडारा चलता रहा। उन्होंने बताया कि सुबह से रात तक करीब 2.50 लाख श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान के दर्शन किए। वहीं मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने बताया कि आंग्ल नववर्ष के अवसर पर सुबह सात बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई और पूरे दिन डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ के दर्शन किए। इसी तरह हनुमान सेतु मंदिर के मुख्य पुजारी भगवान सिंह बिष्ट के अनुसार यहां भी नववर्ष पर 1.50 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
जैन मंदिरों में शांति धारा और अभिषेक हुए, जबकि यहियागंज गुरुद्वारा, आलमबाग, इंदिरानगर और खालसा चौक स्थित गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजे। इससे लखनऊ की गंगा-जमुनी तहजीब और 'सर्वधर्म समभाव' की परंपरा एक बार फिर जीवंत नजर आई।
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