हनुमानगढ़ , जनवरी 02 -- राजस्थान में राजकीय आत्मनिर्भर मंदिर श्री गोगाजी गोगामेडी नववर्ष मेला-2026 का शुक्रवार को सफलतापूर्ण समापन हुआ। मेले में श्रीगोगाजी के दर्शनार्थ करीब पांच लाख श्रद्धालु आये। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये देवस्थान विभाग द्वारा निःशुल्क रैन बसेरे बनाये गये, जिसमें मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था, सर्दी से बचाव के लिए अलाव, पलंग, गद्दे, रजाइयां, चल-शौचालयों इत्यादि की निःशुल्क व्यवस्था की गयी। साथ ही विभाग द्वारा रैन बसेरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विश्व कहानी केन्द्र हरियाणा के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सालय की व्यवस्था की गयी। श्रद्धालुओं की सुविधार्थ सी.सी.टी.वी. कैमरों की व्यवस्था भी नववर्ष मेले में पहली बार की गयी। साथ ही निज मंदिर एवं मंदिर परिसर को कृत्रिम एवं प्राकृतिक फूलों से सजाया गया।

मेले में कार्यक्रमों की श्रंखला में पंच-गौरव कार्यक्रम (एक जिला एक पर्यटन) के तहत 30 दिसम्बर को भव्य शोभा यात्रा के साथ लोक कला संस्कृति का प्रदर्शन करते हुए राज्य के विभिन्न अंचलों से आमंत्रित लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गयीं, जिसमें सर्व प्रथम मशकवादन दल सूरतगढ़, सजे-धजे रोबीले ग्रुप, बीकानेर और पंच-गौरव का बैनर लिये हुए शोभा यात्रा के क्रम में शेखावाटी क्षेत्र की प्रसिद्ध कला चंग ढफ, श्री गोगाजी की स्तुति करते हुए सरदारशहर का डेरू ग्रुप, पाबुसर चुरू का ढोल चाली ग्रुप, बीन बासुरी भपंग के स्थानीय कलाकार के साथ कच्छी घोड़ी लोक नृत्य बीकानेर ग्रुप द्वारा अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गयी।

शोभा यात्रा में सजे-धजे ऊंटों का काफिला, नाचते-गाते कलाकारों के साथ गोरख टीला से श्रीगोगाजी मंदिर तक पहुंचे। साथ ही देवस्थान विभाग द्वारा 29 दिसम्बर से दो जनवरी तक पांच दिवसीय भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।

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