चेन्नई , जनवरी 03 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने शनिवार को सरकारी कर्मचारियों और अध्यापकों की दो दशकसे अधिक पुरानी मांग को पूरा करते हुए 'तमिलनाडु एश्योर्ड पेंशन स्कीम' (टीएपीएस) नामक नयी योजना के तहत पुरानी पेंशन योजना को बहाल कर दिया।

इसे आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सत्ताधारी सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) का चुनावी मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

इस योजना को सरकारी कर्मचारियों और अध्यापकों को नववर्ष और पोंगल का उपहार माना जा रहा है। इससे करीब करीब दो से तीन लाख लोगों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। द्रमुक ने 2021 के चुनावी घोषणापत्र के अपने मुख्य वादों में इसे शामिल किया था।

तमिलनाडु शिक्षक संगठन और सरकारी कर्मचारी संगठनों की संयुक्त कार्रवाई परिषद (जेएसीटीटीओ-जीईओ) नयी पेंशन योजना को खत्म करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग कर रहा थी। कर्मचारियों की 23 साल पुरानी लंबित मांग को पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए,छह जनवरी से प्रस्तावित हड़ताल वापस ले ली।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित