हरिद्वार , मार्च 26 -- चैत्र नवरात्र के समापन पर पतंजलि योगपीठ में नारी शक्ति का महापर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।
बाबा रामदेव के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। अष्टमी और महानवमी के पावन अवसर पर कन्या पूजन (कंजक पूजन) और कन्या भोज का विशेष आयोजन किया गया। छोटी-छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानते हुए उनके चरण धोए गए, आरती उतारी गई और सात्विक भोजन कराया गया। साथ ही उन्हें उपहार भेंट कर नारी शक्ति के सम्मान का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर बाबा रामदेव ने रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्र केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण और दिव्यता की स्थापना का समय है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर भगवान राम, कृष्ण और माँ भवानी की दिव्यता का वास होना चाहिए, यही सनातन धर्म का मूल तत्व है।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल स्वयं को हिंदू कहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हिंदुत्व और सनातन के वास्तविक अर्थ को समझते हुए माँ भगवती की शक्ति को आत्मसात करना आवश्यक है।
उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में नारी शक्ति का सम्मान करें और धर्म के मूल सिद्धांतों को अपनाकर समाज को सशक्त बनाएं।
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