पटना , दिसंबर 31 -- निगरानी ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने बुधवार को कहा कि उनका विभाग नये वर्ष में भ्रष्ट लोकसेवकों को पकड़ने के साथ उन्हें समय पर सजा दिलाने पर विशेष ध्यान देगा।
श्री गंगवार ने आज संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निगरानी विभाग भ्रष्ट लोकसेवकों से निपटने के लिए शीघ्र ही स्पीडी ट्रायल कोषांग का गठन करेगा। उन्होंने कहा कि और आय से अधिक संपत्ति और ट्रैप मामलों की कार्रवाई और निपटारे की गति तेज करने के लिये अलग- अलग स्पीडी कोषांग बनाये जायेंगे।
महानिदेशक ने बताया कि नये वर्ष में डिजिटल तकनीक से लैस एक नये आधुनिक भवन का निर्माण भी कराया जायेगा, जिसमें जांच के अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
श्री गंगवार ने बताया कि वर्ष 2025 निगरानी ब्यूरो के लिये उपलब्धियों से भरा रहा। इस वर्ष 122 प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गईं, जबकि विगत पिछले वर्षों में औसतन 72- 73 एफआईआर ही दर्ज होती थी। अकेले ट्रैप मामलों में 101 एफआईआर दर्ज कर 107 भ्रष्ट लोकसेवकों को रंगे हाथ पकड़ा गया, जिनसे 37.80 लाख रुपये की घूस की राशि जब्त की गई। यह कुल मामलों का करीब 82 प्रतिशत है।
महानिदेशक ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामलों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में 15 डीए केस दर्ज कर 12.77 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति पकड़ी गई, जिसमें सबसे बड़ा मामला भवन निर्माण विभाग के एक अभियंता से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि मामलों के निपटारे की रफ्तार भी तेज हुई है। वर्ष 2025 में 80 नये मामले दर्ज हुये, जबकि 121 मामलों का निपटारा किया गया। पहले जहां सजा दिलाने में 12- 13 वर्ष लगते थे, अब इसे कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियोजित शिक्षकों के फर्जी प्रमाण- पत्र मामलों की जांच में अब तक 1711 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें 2916 शिक्षक अभियुक्त बनाये गये हैं।
संवाददाता सम्मेलन में डीआईजी मृत्युंजय कुमार, एसपी नवीन चंद्र झा, मनोज कुमार, सुबोध कुमार विश्वास समेत निगरानी ब्यूरो के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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