नयी दिल्ली , जनवरी 01 -- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक फरवरी से जारी नये फास्टैग वाली कार, जीप, वैन श्रेणी के लिए 'नो योर व्हीकल-केवाईवी' प्रक्रिया बंद कर दी है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार यह सुधार सड़क का उपयोग करने वाले उन लाखों लोगों को राहत देगा, जिन्हें वाहनों के मान्य दस्तावेज और फास्टैगसक्रिय होने के बावजूद केवाईवी में देरी जैसी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
मौजूदा फास्टैग को लेकर स्पष्ट किया गया है कि यदि इसमें किसी तरह की शिकायत नहीं है, तो केवाईवी रूटीन जरूरत के तौर पर अनिवार्य नहीं होगा। केवाईवी सिर्फ ऐसे खास मामलों में जरूरी होगा, जहां ढीले फास्टैग, गलत जारी होने या गलत इस्तेमाल से जुड़ी शिकायतें मिलती हैं। किसी भी शिकायत के न होने पर मौजूदा कार फास्टैग के लिए किसी केवाईवी की जरूरत नहीं होगी।
एनएचएआई ने सटीकता, अनुपालन और प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने तथा उपयोगकर्ता के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने के साथ ही जारीकर्ता बैंकों के लिए भी सत्यापन के नियमों को ज्यादा सख्त बनाया है। इसमें फास्टैग को सक्रिय करने की अनुमति केवल वाहन डेटाबेस से वाहन के विवरण के सत्यापन के बाद ही दी जाएगी। सक्रिय होने के बाद सत्यापन की अनुमति देने वाला पहले के प्रावधान को बंद कर दिया गया है। जिन वाहनों का विवरण वाहन पर उपलब्ध नहीं है, वहां जारीकर्ता बैंकों को पूरी जवाबदेही के साथ सक्रिय करने से पहले पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) का उपयोग करके विवरण को सत्यापित करना होगा। ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से बेचे जाने वाले फास्टैग भी बैंकों द्वारा पूर्ण सत्यापन के बाद ही सक्रिय किये जायेंगे।
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