नयी दिल्ली , नवंबर 12 -- ब्राजील के बेलम में काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) ने वैश्विक एकजुटता, क्षेत्रीय सहयोग और सत्यापन योग्य कार्यान्वयन पर आधारित जलवायु कार्रवाई योजना के लिए नया समझौता करने की अपील की है।
बेलेम में सीईईडब्ल्यू के सीईओ और दक्षिण एशिया का प्रतिनिधित्व करने वाले कॉप30 के विशेष दूत डॉ. अरुणभा घोष ने मंगलवार को यहां एक प्रेस काफ्रेंस की जिसमें प्रोफेसर अमर भट्टाचार्य (सीनियर फेलो, सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन) और यामीडे डैग्नेट (सीनियर वायस प्रेसिडेंट, इंटरनेशनल, नेचुरल रिसोर्स डिफेंस काउंसिल) के हस्तक्षेपों को भी शामिल किया गया।
कॉप 30 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन का 30वां सत्र है जो दुनिया के सबसे बड़े जलवायु परिवर्तन पर चर्चा और वार्ता का मंच प्रदान करता है। इस मंच पर दुनिया के लगभग सभी देश जलवायु लक्ष्यों पर बातचीत करते हैं और अपनी योजनाएं प्रस्तुत कर प्रगति की समीक्षा करते हैं।
सीईईडब्ल्यू ने बैठक में सुझाव दिया है कि विकासशील देशों में जलवायु-अनुरूप निवेशों के लिए सक्षम निवेश माहौल बनाया जाना चाहिए औरजलवायु कार्रवाई सहित सतत विकास लक्ष्यों के लिए राजकोषीय जगह को खाली करें और सार्वजनिक व्यय को उपयुक्त बनाएं। इसमें कहा गया है कि जलवायु वित्त प्रवाह को बढ़ाने के लिए दक्षिण-दक्षिण सहयोग और दक्षिण-नेतृत्व वाले बहुपक्षवाद का लाभ उठाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जलवायु अनुकूलन के लिए, विकासशील देशों में अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक पूंजी की बड़े पैमाने पर रियायती शर्तों पर उपलब्धता बढ़ाई जानी चाहिए। इसके साथ ही जलवायु शमन के लिए, अधिकतम प्रभाव के लिए लक्षित तरीके से अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक पूंजी का इस्तेमाल हो और यह पूंजी वित्तपोषण के स्रोत के पूरक का काम करें। नये जलवायु समझौते के लिए कार्यान्वयन, साझेदारी और वित्तपोषण में मौजूद कमियों को दूर करने की अपील भी की गई है।
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