मुंबई , दिसंबर 03 -- नये ऑर्डर और उत्पादन वृद्धि की रफ्तार बढ़ने से नवंबर में देश के सेवा क्षेत्र में तेजी रही।

एचएसबीसी द्वारा बुधवार को जारी भारत सेवा पीएमआई अक्टूबर के 58.9 प्रतिशत से बढ़कर नवंबर में 59.8 प्रतिशत दर्ज किया गया। सूचकांक का 50 से ऊपर रहना गतिविधियों में वृद्धि को और उससे नीचे रहना गिरावट को दिखाता है। वहीं, 50 का स्तर स्थिरता का द्योतक है।

भारत में एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि देश के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों के सूचकांक में वृद्धि का आधार नये कारोबार में मजबूती रही जिससे उत्पादन बढ़ा है। हालांकि दूसरे देशों से मिली कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण अंतर्राष्ट्रीय बिक्री में वृद्धि की रफ्तार आठ महीने के निचले स्तर पर रही। लागत की मुद्रास्फीति साढ़े पांच साल के निचले स्तर पर रही है जिससे विक्रय मूल्य में नगण्य वृद्धि हुई है। रोजगार की वृद्धि दर अधिकतर कंपनियों में सुस्त रही।

रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू स्तर पर नये ऑर्डर में एक महीने पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से वृद्धि हुई जबकि विदेशों से मिले ऑर्डरों की वृद्धि दर कम रही। यह आठ महीने में सबसे कम दर्ज की गयी।

कंपनियों ने बताया कि निर्यात में वृद्धि एशियाई और यूरोपीय देशों से आयी है।

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