जालौन , जनवरी 6 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में नमामि गंगे योजना के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने का सरकारी दावा जमीनी स्तर पर विफल होता नजर आ रहा है। जिले के कई ब्लॉकों में वर्षों पहले पाइपलाइन बिछाने के नाम पर पक्की और इंटरलॉकिंग सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन न तो आज तक ग्रामीणों के घरों में पानी पहुंच पाया और न ही सड़कों की मरम्मत कराई गई।

नतीजन गांवों में रहने वाले लोग शुद्ध पेयजल की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, वहीं टूटी सड़कों, कीचड़ और दलदल से होकर गुजरना उनकी रोजमर्रा की मजबूरी बन चुका है। पिरौना, जोरखेरा, सुनहता कहटा लोहार गांव निभाना हिम्मतपुर इटोरा पाली और कोंच क्षेत्र के पहाड़गांव जैसे गांवों में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।

पिरौना गांव में नमामि गंगे योजना के तहत ढाई साल पहले सड़कों को खोदकर पाइपलाइन डाली गई थी। उस समय ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया था कि जल्द ही उनके घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचेगा, लेकिन आज तक नल सूखे पड़े हैं। गांव के आधे से अधिक हिस्से में सड़कें इस कदर खराब हो चुकी हैं कि पैदल चलना भी दूभर हो गया है। ग्रामीण विनोद, दीपक कुमार मुकेश, संजय, अरविंद , विक्रम सिंह और हरिश्चंद्र का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें वैसे ही छोड़ दी गईं। दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न पानी मिला और न ही रास्तों की मरम्मत हुई।

कदौरा ब्लॉक के कई ग्राम पंचायत में नमामि गंगे योजना ग्रामीणों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गई है। तीन साल पहले गांव की पक्की और इंटरलॉकिंग सड़कों को कई जगह से खोदकर पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन बाद में सड़कों को दोबारा नहीं बनाया गया। हालात तब और बिगड़ गए जब पानी आपूर्ति शुरू होने से पहले ही कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। करीब हजार की आबादी वाले इस गांव में पानी की टंकी तो बन चुकी है, लेकिन, प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन तक एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। गांव की गलियां दलदल में तब्दील हो चुकी हैं।

डकोर ब्लॉक के कई ग्राम पंचायत में भी नमामि गंगे योजना के तहत सड़कों को खोद दिया गया। जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और बहता गंदा पानी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा रहा है। पाइपलाइन बिछाने के बाद न तो सड़कों की मरम्मत कराई गई और न ही घरों तक पानी पहुंचाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कोंच क्षेत्र के कई ग्राम पंचायत में तीन साल पहले पक्की और इंटरलॉकिंग सड़कों को खोदकर पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन बाद में सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई। पानी देने से पहले ही कई जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने लगी। लगभग हजार की आबादी वाले इस गांव में पानी की टंकी का निर्माण पूरा हो चुका है, फिर भी पाइपलाइनों से एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। श्याम रमाकांत , मिथलेश और टिंकू ने बताया कि अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित