नयी दिल्ली , जनवरी 09 -- जल शक्ति मंत्रालय ने नमामि गंगे मिशन चरण-दो के तहत गंगा और यमुना नदियों की सफाई के क्रम में पांच प्रमुख सीवरेज बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू कर दी हैं।
मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में पांच सीवरेज बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के संचालन को महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा है कि इससे कई राज्यों में प्रदूषण उन्मूलन और नदी कायाकल्प प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
गंगा सफाई की योजनाओं के तहत शुरु की गयी इन परियोजनाओं पर मंत्रालय का कहना है कि वित्त वर्ष के दौरान अब तक प्रमुख शहरी केंद्रों में सीवेज उपचार क्षमता को बढ़ाते हुए 9 परियोजनाएं चालू की गई हैं। दूसरी तमाही तक जिन परियोजनाओं का संचालन हुआ है उनमें उत्तराखंड के उधम सिंह नगर तथा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के साथ ही पश्चिम बंगाल के महेशतला और जंगीपुर शामिल है।
मंत्रालय का कहना है कि नमामी गंगे मिशन के तहत इन 5 परियोजनाओं के चालू होने के साथ ही शुरू की गई कुल एसटीपी क्षमता 3,976 एमएलडी तक पहुंच गई है और चालू सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की कुल संख्या अब 173 हो गई है। ये उपलब्धियां अनुपचारित सीवेज को नदियों में डालने से रोकने और शहरी स्वच्छता बुनियादी ढांचे में सुधार करने के मिशन के उद्देश्य का परिणाम है। उत्तर प्रदेश के शुक्लागंज में 65 करोड़ की लागत से विकसित 5 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के चालू होने से प्रदूषण निवारण प्रयासों को बड़ा बढ़ावा मिला है। हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल के तहत कार्यान्वित यह परियोजना अनुक्रमिक बैच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक पर आधारित है और इस परियोजना से लगभग तीन लाख की आबादी को लाभ होगा और गंगा नदी में इसके प्रवाह को रोका जा सकेगा।
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