धार , फरवरी 05 -- मध्यप्रदेश में धार नगर पालिका द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और विद्युत खर्च में कमी लाने के उद्देश्य से सोलर संचालित उपकरणों के उपयोग की कार्य योजना तैयार की जा रही है। इस योजना के तहत प्रायोगिक तौर पर नगर पालिका कार्यालय और आवास परिसर सहित करीब 100 स्ट्रीट लाइट पोल को जोड़कर सौर ऊर्जा आधारित प्रोजेक्ट बनाया गया है। प्रयोग सफल रहने पर इसे शहर की व्यवस्थाओं के बड़े प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा।

नगर पालिका के अनुसार सौर स्ट्रीट लाइट पोल की सफलता के बाद अब सौर आधारित पेयजल उपकरण व्यवस्था का प्रोजेक्ट भी तैयार किया जाएगा। प्रोजेक्ट क्रियान्वित होने के बाद कुछ महीनों तक इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके पश्चात तीन तालाब क्षेत्रों में पेयजल वितरण व्यवस्था को सौर ऊर्जा आधारित किया जाएगा। यदि यह प्रोजेक्ट पूर्ण रूप से सफल रहता है तो नगर की संपूर्ण स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को सौर ऊर्जा आधारित करने की योजना है।

नगर पालिका को वर्तमान में विद्युत व्यवस्था पर भारी खर्च वहन करना पड़ रहा है। प्रतिमाह लगभग 30 से 40 लाख रुपये और वार्षिक करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का भुगतान विद्युत मंडल को किया जाता है। इसमें स्ट्रीट लाइट, पेयजल वितरण व्यवस्था और अन्य नगर पालिका कार्यालय शामिल हैं। प्रायोगिक सौर प्रोजेक्ट पर लगभग 35 से 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें वे कार्यालय और स्ट्रीट पोल शामिल किए गए हैं, जिन पर प्रतिमाह औसतन 60 से 70 हजार रुपये का विद्युत खर्च आता है।

हालांकि सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट में पूरी राशि नगर पालिका को स्वयं वहन करनी होगी और सब्सिडी मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। बारिश के मौसम में सौर ऊर्जा उत्पादन को लेकर चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही संस्था का दावा है कि पर्याप्त सौर ऊर्जा का उत्पादन और भंडारण किया जा सकेगा, जिससे बारिश में भी किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।

इधर शहर में कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट बंद होने से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आदेश सड़क पर घोड़ा चौपाटी से इंदौर नाके तक लगी कुछ स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं, वहीं दूसरे चरण में इंदौर नाके से जैतपुरा तक लगी स्ट्रीट लाइटें भी पूरी तरह बंद हैं। इससे रात के समय राहगीरों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह मॉर्निंग वॉक के समय अंधेरा रहता है और रात में टहलने के लिए वाहन की रोशनी या मोबाइल टॉर्च का सहारा लेना पड़ता है। इस संबंध में नगर पालिका में शिकायत की गई है, जिस पर अधिकारियों ने शीघ्र सुधार का आश्वासन दिया है।

नगर पालिका के मुख्य अधिकारी विश्वनाथ सिंह ने बताया कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और खर्च कम करने के उद्देश्य से सोलर संचालित उपकरणों की कार्य योजना तैयार की गई है, ताकि नागरिकों को असुविधा न हो और आवागमन सुरक्षित बनाया जा सके।

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