नयी दिल्ली/कोलकाता , जनवरी 09 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गुरुवार को स्वास्थ्य सेवाओं में देश के दूसरे राज्यों से पश्चिम बंगाल के पिछड़ने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसा और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं, लेकिन यह राज्य आज भी पीछे है जिसका मुख्य कारण आयुष्मान भारत योजना और अन्य केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश में लागू नहीं किया जाना है।

श्री नड्डा ने चिकित्सकों के साथ विशेष मुलाकात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार की राजनीति के कारण गरीब और कमजोर वर्ग के लोग जीवन रक्षक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता इस खराब शासन को नकारेगी और विकास को प्राथमिकता देने वाली सरकार चुनेगी। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष श्री शुभेंदु अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शरद मुखोपाध्याय सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इससे पहले श्री नड्डा सुबह कोलकाता पहुंचे, जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद बिधाननगर स्थित एक होटल में उन्होंने जिला अध्यक्षों, विभाग संयोजकों और प्रवासी कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठक की।

बैठक को संबोधित करते हुए श्री नड्डा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में बंगाल घुसपैठियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गया है। उन्होंने कहा कि जनता अब गुमराह नहीं होगी और आगामी चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर करेगी।

श्री नड्डा ने चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत की कल्पना स्वस्थ भारत के बिना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में व्यापक विचार-विमर्श के बाद नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति लाई गई, जिसमें केवल बीमारी के इलाज पर नहीं, बल्कि रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन, उपचार, उपशामक, पुनर्वास और बुजुर्गों की देखभाल जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया गया। उन्होंने वन हेल्थ और होल ऑफ गवर्नमेंट दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव, पशु और पर्यावरण के स्वास्थ्य को एक साथ देखना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि देशभर में 1.81 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं, जो प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत आधार बने हैं। इन केंद्रों के माध्यम से कैंसर स्क्रीनिंग, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और निःशुल्क दवाओं जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। अब तक करोड़ों लोगों की कैंसर स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इन प्रयासों से मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है।

उन्होंने आयुष्मान भारत योजना पर बोलते हुए कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसके तहत 63 करोड़ लोगों को प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने अफसोस जताया कि पश्चिम बंगाल की जनता को इस योजना से वंचित रखा गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक कारणों से आयुष्मान कार्ड फाड़ दिए, जिससे गरीबों को भारी नुकसान हुआ।

श्री नड्डा ने कहा कि देश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे का भी तेजी से विस्तार हुआ है। 2014 के बाद मेडिकल कॉलेजों और सीटों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की सफल रणनीति और स्वदेशी वैक्सीन विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य सबके लिए स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है और पश्चिम बंगाल में भी जल्द ही विकास और सुशासन का दौर शुरू होगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित