धार , दिसंबर 05 -- मध्यप्रदेश में धार नगर पालिका की लचर और अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस पार्षद दल ने आज पुरानी नगरपालिका परिसर में धरना देकर अपना रोष प्रकट किया। नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि, पार्षदों और पदाधिकारियों ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि 300 से 400 सफाई कर्मचारी होने के बावजूद शहर कचरे से पटा पड़ा है और स्वयं नगरपालिका की पुरानी इमारत ही अस्थायी कचरा अड्डे में बदल चुकी है।

धरने में नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि एवं प्रवक्ता अजयसिंह ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष करीम कुरैशी, पार्षद प्रतिनिधि रईस शेख, बंटी डोड, बरसात सिसोदिया और मनीष कन्नौज ने भाग लिया। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पुरानी नगरपालिका परिसर, जहां चौबीसों घंटे चौकीदार तैनात है और अधिकारी नियमित आते-जाते हैं, वहीं कर्मचारियों की लापरवाही से कचरा फेंका जा रहा है। परिसर में मौजूद 6 बूथ और 2 आंगनवाड़ी भी इस गंदगी से प्रभावित हो रहे हैं।

करीम कुरैशी और रईस शेख ने बताया कि कचरा फेंके जाने की शिकायतें मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर पुलिस अधीक्षक और कोतवाली टीआई तक कई बार की गईं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे शिकायतों से बचने के लिए रहवासियों के बीच ही कचरा जलाया जा रहा है, जिससे गंभीर प्रदूषण का खतरा बन गया है।

जनप्रतिनिधियों ने नगर पालिका पर यह भी आरोप लगाया कि भूमाफिया को लाभ पहुंचाने के लिए छत्री स्थित नियमित कचरा अड्डे को हटा दिया गया, जबकि दूसरी ओर विश्वविख्यात धरोहर भोजशाला के पास मौतीबाग चौक पर कचरा अड्डा जानबूझकर बनाए रखा गया है। बार-बार आग्रह के बावजूद इसे नहीं हटाया गया, जिससे यह क्षेत्र अब गंदगी और प्रदूषण का प्रमुख हॉट स्पॉट बन गया है।

करीब दो घंटे चले धरने की जानकारी मिलने पर एसडीएम को अवगत कराया गया, जिसके बाद नगरपालिका के स्वास्थ्य नोडल अधिकारी विक्रम भाभोर, स्वास्थ्य अधिकारी राधेश्याम मुवेल, राजस्व अधिकारी अरविंद डोड और हेमराज वर्मा धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल पुरानी नगरपालिका परिसर से कचरा हटाया गया, झाड़ू लगाई गई और फायर ब्रिगेड से पूरे परिसर की धुलाई करवाई गई। चौकीदार को भविष्य में कचरा न डालने और अवैध पार्किंग हटाने के सख्त निर्देश दिए गए।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, धार शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का एक बड़ा कारण कचरा संग्रहण वाहनों की कमी है। नगर पालिका के 26 वाहनों में से 8 खराब पड़े हैं। शहर में प्रतिदिन लगभग 40 टन कचरा निकलता है, लेकिन खराब वाहनों के कारण केवल 25 टन कचरा ही उठाया जा पा रहा है। इसी वजह से कई स्थानों पर कचरा जमा हो रहा है और दुर्गंध तथा प्रदूषण की स्थिति बन रही है। मौतीबाग चौक वर्तमान में कचरे और प्रदूषण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित