बैतूल , जनवरी 07 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले की नगर परिषद चिचोली में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। वार्ड क्रमांक 15 की पार्षद नेहा रुपेश आर्य ने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर के नाम शिकायत प्रस्तुत कर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) पर नियम विरुद्ध कार्य, करोड़ों रुपये के घोटाले और ठेकेदारों को अवैध लाभ पहुंचाने जैसे आरोप लगाए हैं।

पार्षद ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी इस संबंध में शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से यह संदेह गहराता है कि सीएमओ, उपयंत्री और नगर परिषद अध्यक्ष की मिलीभगत से परिषद में संगठित रूप से भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि सीएमओ कार्यालय के बजाय अध्यक्ष के प्रतिष्ठान से कार्य संचालित करते हैं और नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।

शिकायत में वार्ड क्रमांक 8 चंद्रशेखर वार्ड में 44 लाख रुपये की लागत से बनी सीसी सड़क के निर्माण पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि डीपीआर के अनुसार खुदाई, डीएलसी और अन्य तकनीकी कार्य नहीं कराए गए, जिससे 10 से 12 लाख रुपये के कार्य अधूरे रह गए। इस मामले में भुगतान रोककर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।

पार्षद ने जय स्तंभ चौक से वीर दुर्गादास चौक तक 54 लाख रुपये की लागत से कायाकल्प योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि योजना के तहत सुधार कार्यों के बजाय नवीन सड़क जैसे कार्य कराए गए, जो नियमों के विपरीत हैं।

अमृत-2 योजना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार ठेकेदारों को बिना रसीद प्रतिदिन 5 से 6 टैंकर पानी दिया जा रहा है, जिससे नगर परिषद को प्रतिमाह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। योजना में घटिया गुणवत्ता और कमीशनखोरी की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

इसके अलावा वार्ड क्रमांक 9 में निजी भूमि पर सड़क और सीवेज ड्रेनेज निर्माण, जेम पोर्टल पर एसओआर से अधिक दरों पर सामग्री खरीदी, कर्मचारियों के दुरुपयोग, एससी-एसटी कर्मचारियों से नियमविरुद्ध कार्य कराने तथा साप्ताहिक बाजार और दैनिक वसूली में राजस्व बंदरबांट जैसे आरोप भी शिकायत में शामिल हैं।

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