ग्वालियर , नवंबर 7 -- नगर निगम ग्वालियर को 54 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने नगर निगम अधिकारियों और दीपक एडवर्टाइजर्स के संचालक दीपक जेठवानी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच में पाया गया कि नगर निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और निगम को वित्तीय नुकसान हुआ।
ईओडब्ल्यू एसपी दिलीप तोमर ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा नगर निगम ग्वालियर के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं मैसर्स दीपक एडवर्टाइजर्स के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप था कि फर्म को अनुचित लाभ देते हुए बकाया पेनल्टी और विज्ञापन शुल्क में हेराफेरी की गई। जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि नगर निगम के 48 सार्वजनिक शौचालयों पर विज्ञापन लगाने के लिए 10 नवंबर 2017 को निविदा आमंत्रित की गई थी। इस निविदा में दीपक एडवर्टाइजर्स को विज्ञापन का कार्य स्वीकृत किया गया। निगम की ओर से तत्कालीन सीसीओ प्रदीप चतुर्वेदी और फर्म की ओर से दीपक जेठवानी के बीच अनुबंध किया गया।
अनुबंध की शर्त क्रमांक 1 में निगम के 48 प्रमुख सार्वजनिक शौचालयों पर विज्ञापन की अनुमति दी गई थी, जबकि शर्त क्रमांक 10 में यह प्रावधान दर्शाया गया कि टेंडर की अवधि समाप्त होने पर 5 प्रतिशत राशि बढ़ाकर आगामी वर्षों के लिए टेंडर नवीनीकरण किया जाएगा। हालांकि मेयर-इन-काउंसिल के संकल्प क्रमांक 582 में ऐसी किसी शर्त का उल्लेख नहीं पाया गया, जिससे अनुबंध की शर्तों में कूटरचना का मामला सामने आया। ईओडब्ल्यू ने जांच पूरी कर इस प्रकरण में संबंधित निगम अधिकारियों और दीपक एडवर्टाइजर्स के संचालक दीपक जेठवानी के खिलाफ विधि अनुसार एफआईआर दर्ज की है।
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