बीजापुर , दिसंबर 28 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा और विकास के समन्वित प्रयासों को मजबूती देते हुए थाना फरसेगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोडीमरका में 26 दिसंबर को नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा शिविर की स्थापना की गई।

यह शिविर डीआरजी, जिला बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 7वीं वाहिनी 'बी' समवाय की संयुक्त टीमों द्वारा स्थापित किया गया, जिसे नक्सल उन्मूलन अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, घने जंगलों और कड़ाके की ठंड के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस, उच्च मनोबल और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए इस कैम्प की स्थापना को सफल बनाया। अधिकारियों के अनुसार यह केवल सुरक्षा की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास के लिए भी एक अहम कदम है, जिससे वर्षों से उपेक्षित इलाकों में प्रशासनिक पहुंच सुदृढ़ होगी।

इस शिविर की स्थापना से भोपालपटनम, फरसेगढ़, सेण्ड्रा और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्गों के विकास का रास्ता खुलेगा। आने वाले समय में नेशनल पार्क क्षेत्र के सुदूर गांवों को सड़क, पुल-पुलिया और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जोड़े जाने की संभावनाएं भी प्रबल हुई हैं।

नवीन सुरक्षा शिविर के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बिजली, पेयजल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मोबाइल नेटवर्क और आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में स्थायी शांति व विश्वास का वातावरण बनेगा।

प्रशासन के अनुसार वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 29 नए सुरक्षा शिविर स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 923 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, 221 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं और 1100 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। ''नियद नेल्ला नार'' योजना के तहत चल रहे इन प्रयासों से क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है और ग्रामीणों में उत्साह एवं भरोसा बढ़ा है।

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