कांकेर, मार्च 31 -- छत्तीसगढ़ में 31 मार्च से पहले जिले में सक्रिय नक्सलियों की संख्या 23 थी। आज सुबह पुलिस ने दो नक्सलियों के आत्म समर्पण के बारे में बताया था। अभी देर शाम 11 और नक्सलियों ने जिले में आत्म समर्पण किया है। नक्सली बड़ी संख्या में हथियारों के साथ लौट हैं। आत्म समर्पण करने वाले ये नक्सली छत्तीसगढ़ और ओडिसा में सक्रिय थे।
कांकेर के एसपी निखिल अशोक कुमार राखेचा से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर बस्तर डिवीजन के 6 और आरकेबी डिवीजन के 5 सहित कुल 11 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों में पीपीसीएम, एसीएम और पीएम स्तर के सदस्य शामिल हैं, जिन पर कुल 60 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस पहल को वामपंथी उग्रवाद उन्मूलन के मिशन 2026 के अंतिम चरण की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
आत्मसमर्पण के दौरान माओवादी कैडरों ने अपने साथ लाए 9 घातक हथियार भी सुरक्षा बलों के समक्ष सौंपे, जिनमें एक एके-47, तीन एसएलआर और तीन 303 राइफल शामिल हैं। इसके साथ ही अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के कई डंप भी बरामद किए हैं। बरामद सामग्री में एक एके-47, एक इंसास राइफल, एक एसएलआर, देशी राइफल, 9 बीजीएल लॉन्चर, 7 देशी कट्टे, बड़ी मात्रा में बीजीएल सेल, ऑटोमैटिक हथियारों के राउंड, ग्रेनेड, डेटोनेटर, मैगजीन और 5 लाख रुपये नकद शामिल हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादी कैडरों में उत्तर बस्तर डिवीजन के शंकर मरकाम, स्वरूपा उसेण्डी, दूधी हिड़मा, राधिका उर्फ संगीता कुंजाम, संदीप उर्फ लखमू कड़ियाम और रानू उर्फ संजू उर्फ रैनू पद्दा शामिल हैं। वहीं आरकेबी डिवीजन के मंगेश पोड़ियामी, गणेश उर्फ सूर्यपाल बोडू, राजे मोडियामी उर्फ जोगी मुचाकी, हिड़में उर्फ सुनीता मरकाम और मंगती जुर्री उर्फ मंगाय ने भी आत्मसमर्पण किया है। इन सभी ने माओवादी संगठन की औचित्यहीनता को स्वीकार करते हुए राष्ट्र की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
एसपी के ही अनुसार, उत्तर बस्तर और आरकेबी डिवीजन में अब माओवादी कैडरों की संख्या तेजी से घट रही है और शेष बचे कैडरों के भी पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है। इस अभियान के तहत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि क्षेत्र में सक्रिय बचे हुए माओवादी भी हथियार छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौटें।
पुलिस लाइन कांकेर में आयोजित पुनर्वास कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा, बीएसएफ के कमांडेंट टी. मोहन, रवि भूषण, एसएसबी के कमांडेंट प्रियव्रत शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल, योगेश साहू, डीएसपी गिरिजा शंकर साव और अविनाश ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आत्मसमर्पित कैडरों को पुनर्वास योजना की जानकारी दी गई और उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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