दंतेवाड़ा , मार्च 26 -- छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को दंतेवाड़ा स्थित पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण के दौरान यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से मुलाकात की और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने युवाओं को इलेक्ट्रिकल टूल किट और वेलकम किट का वितरण भी किया।
श्री दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान पहले मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे पुनर्वास केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से चर्चा कर उनकी आवश्यकताओं और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। युवाओं ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे अपने गृह ग्राम लौटकर खेती-किसानी करना चाहते हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इच्छुक युवाओं को कृषि संबंधी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का उद्देश्य भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने अन्य साथियों को भी पुनर्वास के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, भोजन व्यवस्था और प्रशिक्षण गतिविधियों की भी समीक्षा की। युवाओं द्वारा स्वयं भोजन बनाने की इच्छा जताने पर उन्होंने इसकी अनुमति देते हुए कहा कि इच्छुक युवा स्वेच्छा से भोजन बना सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पुनर्वासित युवाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाए और केंद्र से बाहर जाने से पहले उनके ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि युवाओं के परिजन या परिचित लोग जेल में निरुद्ध हैं, तो वे उनसे संपर्क कर सकते हैं और उन्हें भी पुनर्वास की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। शासन ऐसे लोगों को भी पुनर्वास के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है।
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में पुनर्वास केंद्र में 107 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 60 बीजापुर और 47 दंतेवाड़ा जिले के हैं। यहां इलेक्ट्रिकल, वेल्डिंग, प्लंबिंग, सिलाई और ड्राइविंग जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। अब तक सात युवाओं को ड्राइविंग के क्षेत्र में रोजगार मिल चुका है, जबकि 75 युवाओं को सिलाई मशीन वितरित की गई है। दंतेवाड़ा पहुंचने से पहले उपमुख्यमंत्री मारडूम घाटी मार्ग से होते हुए चित्रकूट, लोहंडीगुड़ा और बारसूर के रास्ते पहुंचे।
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