सुकमा, दिसम्बर 31 -- त्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नक्सलियों की हिंसक साजिश को समय रहते विफल कर दिया है। उरसांगल कैम्प क्षेत्र के अंतर्गत चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में जंगल-पहाड़ी इलाके में छुपाकर रखा गया हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा डंप बरामद किया गया है। जवानों की सतर्कता और सटीक रणनीति से संभावित बड़ी वारदात टल गई, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा और मजबूत हुआ है।

एसपी कार्यालय से बुधवार को मिली जानकारी के मुताबिक,जिले में लगातार संचालित एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत 30 दिसंबर 2025 को नवीन कैम्प उरसांगल से ए प्लस वाईपी कंपनी 159 बटालियन सीआरपीएफ एवं जिला बल सुकमा की संयुक्त टीम ग्राम गोंदपल्ली और आसपास के जंगल व पहाड़ी क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन पर रवाना हुई थी। अभियान के दौरान प्रातः संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिलने पर इलाके की घेराबंदी कर गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से छुपाकर रखा गया हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया गया।

बरामद सामग्री में बोल्ट एक्शन राइफल 1 नग, भरमार बंदूक 3 नग, 12 बोर सिंगल बैरल राइफल 1 नग, 7.62 एमएम एसएलआर के 150 राउंड, 5.56 एमएम इंसास के 150 राउंड, .303 राइफल के 100 राउंड तथा एक मैगजीन शामिल है। सुरक्षाबलों की सूझबूझ और पेशेवर कार्रवाई के चलते किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी जवान सुरक्षित रूप से कैम्प लौट आए।

पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि जिले में लगातार दबाव बनाए रखने और सटीक अभियानों के कारण नक्सल संगठन कमजोर पड़ रहा है। इस तरह की बरामदगी से नक्सल नेटवर्क को सीधा झटका लगता है और आम नागरिकों की सुरक्षा और मजबूत होती है।

प्रशासन ने दोहराया कि माओवादियों के लिए हिंसा छोड़कर शांति और विकास की राह अपनाने का अवसर खुला है तथा 'पूना मार्गेम पुनर्वास योजना' के माध्यम से मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जीया जा सकता है।

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