रायपुर , फरवरी 08 -- छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे को लेकर निर्णायक दौर की शुरुआत हो चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज रायपुर स्थित मेफेयर होटल में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ एक अहम उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

बैठक में इंटेलिजेंस इनपुट्स की गहन समीक्षा के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था, चल रहे अभियानों की प्रगति और आगे की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन की तय समयसीमा 31 मार्च 2026 है, जिसमें अब केवल 51 दिन शेष हैं। ऐसे में यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि यह 31 मार्च से पहले रणनीतिक दृष्टि से आखिरी बड़ी बैठक हो सकती है।

बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा, सभी नक्सल प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) , अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) सहित केंद्र और राज्य स्तर के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का फोकस नक्सल विरोधी अभियानों में समन्वय, सुरक्षा बलों की तैनाती और प्रभावी संयुक्त कार्रवाई पर रहा।

गौरतलब है कि नक्सलवाद के खात्मे की यह डेडलाइन स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा घोषित की गई थी। इसके बाद से छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर ट्वीट कर कहा, "जो छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, भाजपा की डबल इंजन सरकार में विकास का पर्याय बन चुका है। यहां के युवा स्पोर्ट्स, फॉरेंसिक व टेक्निकल एजुकेशन को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं। आज रायपुर में छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास कार्यों पर समीक्षा बैठक की।"मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी बैठक को नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कदम बताते हुए कहा, "माननीय केंद्रीय गृह मंत्री जी, आपकी अध्यक्षता में आज नवा रायपुर में आयोजित एलडब्ल्यूई सुरक्षा समीक्षा बैठक नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक प्रगति का सशक्त संकेत है।

डबल इंजन सरकार की सटीक सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, सुदृढ़ आधारभूत संरचना, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर कड़ा प्रहार तथा प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आज छत्तीसगढ़ सहित नक्सल दंश से पीड़ित सभी प्रदेशों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

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