नैनीताल , अप्रैल 13 -- वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इको-टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उत्ताखंड वन विभाग ने नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य में चोरगलिया और ककराली गेट पर 'नंधौर बायोडायवर्सिटी गैलरी' विकसित किया है।
हल्द्वानी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कुंदन कुमार ने आज बताया कि इस गैलरी को एक जानकारी पूर्ण और आकर्षक स्थल के रूप में डिजाइन किया गया है, जहां अभयारण्य की समृद्ध जैव विविधता को प्रदर्शित किया गया है। इसमें स्तनधारियों, पक्षियों, तितलियों, सरीसृपों सहित विभिन्न जीव-जंतुओं से संबंधित उच्च गुणवत्ता वाले डिस्प्ले पैनल लगाए गए हैं।
प्रत्येक डिस्प्ले के साथ संक्षिप्त और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित जानकारी भी दी गई है, जिससे यह छात्रों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षिक संसाधन बन गया है।
गैलरी का एक विशेष आकर्षण इसका 'ऐतिहासिक अनुभाग' है, जिसमें क्षेत्र में वन प्रबंधन की विरासत को दर्शाने वाली दुर्लभ और संकलित सामग्री प्रदर्शित की गई है। इसमें पुराने फॉरेस्ट रेस्ट हाउस की तस्वीरें, नंधौर ट्राम-वे सिस्टम, जो पहले लकड़ी के परिवहन में उपयोग होता था, तथा नदी तंत्र में लकड़ी के प्रवाह को नियंत्रित करने वाली पारंपरिक संरचनाओं से जुड़ी जानकारी और फोटो शामिल हैं। इसके अलावा, वन प्रबंधन के विकास को दर्शाने वाले अभिलेख और चित्र भी प्रदर्शित किए गए हैं।
डीएफओ ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, स्थानीय समुदायों और पर्यटकों को शिक्षित करना तथा नंधौर वन्यजीव अभयारण्य को एक प्रमुख इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करना है। साथ ही यह छात्रों, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों के लिए ज्ञान का एक मंच भी प्रदान करेगा।
वन विभाग के अनुसार, गैलरी को इस तरह से तैयार किया गया है कि सभी आयु वर्ग के आगंतुक, विशेषकर स्कूली बच्चे और पर्यटक, इसे आसानी से समझ सकें और एक रोचक अनुभव प्राप्त कर सकें।
हाल के समय में वन विभाग ने अभयारण्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं, जिनमें सफारी वाहनों का पंजीकरण, नेचर गाइड्स का प्रशिक्षण, ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म का विकास और स्थानीय समुदायों के लिए एक्सपोजर विजिट शामिल हैं। 'नंधौर बायोडायवर्सिटी गैलरी' की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
करीब 270 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला नंधौर वन्यजीव अभयारण्य नंधौर घाटी के घने जंगलों में स्थित है, जिसे नंधौर और लधिया नदियां सिंचित करती हैं। इसके पूर्व में शारदा नदी और पश्चिम में गौला नदी बहती है। यह अभयारण्य नैनीताल, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में फैला हुआ है और उत्तर भारत के सबसे पुराने वन प्रभागों में से एक हल्द्वानी वन प्रभाग का हिस्सा है।
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