रांची , जनवरी 13 -- झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से पिछले 12 दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता दो मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने स्वतः संज्ञान लिया है।
आयोग ने इस गंभीर मामले को लेकर झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा को पत्र भेजकर अब तक की गई कार्रवाई और जांच की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने यह कार्रवाई मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर की है। खबरों में बताया गया था कि धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी से 2 जनवरी को अंश और अंशिका लापता हो गए थे और अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बच्चों के लगातार लापता रहने को आयोग ने गंभीरता से लेते हुए इसे बाल अधिकारों के उल्लंघन के रूप में देखा है।
आयोग की ओर से झारखंड पुलिस महानिदेशक को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2005 की धारा 13 के तहत नोटिस जारी किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि आयोग का संवैधानिक दायित्व है कि वह पॉक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और शिक्षा का अधिकार अधिनियम जैसे कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करे और बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करे।
एनसीपीसीआर ने झारखंड पुलिस और प्रशासन से यह जानकारी मांगी है कि बच्चों की तलाश के लिए अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं, खोजबीन की वर्तमान स्थिति क्या है और आगे की कार्रवाई की क्या योजना है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में वह स्वतः संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करता है।
आयोग द्वारा जारी पत्र में मीडिया में प्रकाशित खबर का लिंक भी संलग्न किया गया है।
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