धार , जनवरी 23 -- बसंत पंचमी के अवसर पर आज मध्यप्रदेश के धार जिले स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में सुबह से पांच दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत हुई, साथ ही परिसर में पूजा और आराधना के स्वरों के बीच हवन कुंड में आहुति दी गई।
उच्चतम न्यायालय के कल पूजा और नमाज दोनों को लेकर आए फैसले के बीच बसंत उत्सव को लेकर भोजशाला सहित परिसर को केसरिया पताकों से सजाया गया। गर्भगृह सहित परिसर में ही साढ़े पांच क्विंटल फूलों से विशेष सजावट की गई हैं। कुंड के समीप ही वेदारंभ संस्कार की शुरुआत भी हो गई हैं, यहां बच्चों को संस्कार के बारे में जानकारी देते हुए वेदारंभ किया जा रहा है।
सूर्योदय होते ही मां वाग्देवी की प्रतिमा के साथ भोजशाला मुक्ति यज्ञ के गोपाल शर्मा एवं समिति के पदाधिकारियों के साथ मां वाग्देवी का स्वरूप विराजित कर मां वाग्देवी की आरती एवं स्तुति कर हवन कुंड में आहुति डाल कर अखंड पूजा की शुरुआत की गई।
उच्चतम नयायालय ने बसंत पंचमी के अवसर पर हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती (वाग्देवी) की पूजा की पूरी अनुमति दी है, जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज़ की छूट दी गई है। न्यायालय ने कल सुनाए गए अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था दोनों समुदायों के धार्मिक कार्यक्रमों के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। न्यायालय की पीठ ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पूजा और नमाज़ के लिए परिसर में अलग-अलग स्थान निर्धारित किए जाएं, विशेष पास की व्यवस्था की जाए और शांति एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। मुस्लिम पक्ष से कहा गया है कि नमाज़ के लिए आने वाले लोगों की अनुमानित सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।
इस संबंध में भोजशाला से जुड़े श्री शर्मा के अनुसार हिंदू पक्ष का विषय शुरु से ही अखंड पूजा का रहा हैं, न्यायालय से आदेश के बाद सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा अर्चना करेंगे।
इधर परिसर में ही प्रशासन ने बैरिकेड से भी लगाए है, ताकि दर्शन व पूजन के लिए आने वाले समाजजनों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो।
समिति के महामंत्री सुमित चौधरी के अनुसार मां सरस्वती यज्ञ की शुरुआत सुबह 7 बजे से हुई। मां वाग्देवी के तेल चित्र के साथ शोभायात्रा की शुरुआत नगर के उदाजी राव चौपाटी स्थित लालबाग उद्यान से होगी। करीब ढाई किलो मीटर का मार्ग तय करके शोभायात्रा 12 बजे भोजशाला प्रांगण पहुंचेगी। यात्रा में हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं, युवतियां सहित ग्रामीण क्षेत्र से आई जनता शामिल होगी। बसंत पंचमी को दोपहर करीब 12-15 बजे धर्मसभा भोजशाला परिसर में होगी, जिसे मुख्य वक्त संबोधित करेंगे। करीब एक घंटे बाद दोपहर 1-15 बजे मां वाग्देवी के तेल चित्र की महाआरती अतिथि द्वारा की जाएगी।
न्यायालय से जारी आदेश के बाद अब प्रशासन पर दोनों व्यवस्थाओं का पालन करवाने की बड़ी जिम्मेदारी है। हालांकि इसको लेकर एक माह पहले से ही तैयारी शुरु कर दी थी। प्रशासनिक अमले ने विशेष सुरक्षा रणनीति तैयार की है। भोजशाला और उसके आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, ताकि शांति और व्यवस्था बनी रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए भोजशाला के मुख्य प्रवेश मार्ग पर जिगजैग बैरिकेडिंग की गई है। दर्शन के लिए आने व जाने के दो अलग-अलग मार्ग तैयार किए गए है। करीब 8 हजार का पुलिसबल तैनात किया गया है, भोजशाला, परिसर सहित शहर को कुल 6 सेक्टरों में विभाजित किया है।
इंदौर संभाग के आईजी अनुरागसिंह, कमिश्नर सुदामा खाडे, जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, एसपी मयंक अवस्थी सहित आला अधिकारी हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है।
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