जौनपुर , जनवरी 23 -- हिन्दू सभा, सन्त महासभा एवं चित्रगुप्त भगवान अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अयक्ष स्वामी चक्रपाणि़ जी महराज ने शुक्रवार को कहा कि आज धार्मिक स्वाभिमान को बचाने की जरूरत है। सनातन परम्पराओं में व्यवधान डाला जा रहा है। इसका डटकर मुकाबला करना चाहिए तभी हिन्दू समाज के समाज के अस्तित्व की रक्षा हा सकती है।

स्वामी चक्रपाणि ने शीतला धाम चौकिया में तीन दिवसीय श्रृगांर महोत्सव का शुभारंभ करने के बाद चित्रगुप्त मन्दिर पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज बसन्त पंचमी और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती भी है। उनका देश को बचाने में महत्वपूर्ण याेगदान रहा है। ऐसे अवसर पर देश के वीर सपूतों से प्रेरणा लेकर उनके आदर्श को जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुभ मेला में खलल डाला जा रहा है आस्थाओं पर चोट पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीबों की और देश के सेवा में अपने जान गंवाने वालों का मोक्ष मिलता हे और वे अमर हो जाते है।

उन्होंने कहा कि कम्युनिस्टवादी हिन्दू पंरपराओं पर चोट पहुंचा रहे है, ऐसा त्रेता युग में भी हुआ था। ऋषियों के यज्ञ पूजन में व्यवधान डाला जाता था तब राम चन्द्र जी ने राक्षसों का संहार किया था। उन्होंने कहा कि आस्था पर कुठाराघात बर्दाश्त नहीं करना चाहिए उसका सामना करना चाहिए परिणाम कुछ भी हो। स्वामी जी ने कहा कि देश में चरित्र की पूजा होती है चित्र की नहीं। हम सप्त ऋषियो की संतान है सभी के गोत्र ऋषियों के नाम पर ही हैं। युवा वर्ग चरित्र को मजबूती प्रदान करे और राष्ट्र की रक्षा में आगे आये।

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