हल्द्वानी , दिसम्बर 03 -- विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर बुधवार को हल्द्वानी में आयोजित राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 41 दिव्यांगजन प्रतिभागियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आज का दिन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि उन असाधारण व्यक्तियों को सम्मान देने का अवसर है जिन्होंने चुनौतियों को अवसर और संघर्षों को प्रेरणा में बदलकर समाज को दिशा दी है।

उन्होंने कहा कि "दिव्यांगता शरीर में हो सकती है लेकिन सपनों में नहीं" और आज हमारे दिव्यांग भाई-बहन प्रत्येक क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर, इंग्लिश चैनल पार करने वाले सत्येंद्र सिंह लोहिया तथा बिना हाथों के विश्व पैरा तीरंदाजी चैंपियन बनीं शीतल देवी जैसे प्रेरक उदाहरण साझा किए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में भारत की दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम द्वारा कोलंबो में टी-20 ब्लाइंड वूमेन वर्ल्ड कप-2025 जीतने पर भी गर्व व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश और राज्य सरकार दोनों दिव्यांगजनों को समान अवसर और गरिमामय जीवन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नए भवनों, अस्पतालों व बस अड्डों के निर्माण में दिव्यांगजन-अनुकूल व्यवस्थाएँ अनिवार्य की गई हैं। कई पुराने भवनों में भी आवश्यक परिवर्तन किए गए हैं। साथ ही "कॉमन साइन लैंग्वेज" के प्रसार और दिव्यांगजन हितैषी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन भी सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांग जनों के लाभार्थ अनेक योजना संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि देहरादून स्थित आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था तथा ऊधमसिंह नगर में मानसिक रूप से दिव्यांग जनों के लिए पुनर्वास गृह का निर्माण किया गया है।

देहरादून में राज्य का पहला "प्रधानमंत्री दिव्यांशा केंद्र" भी प्रारंभ किया गया है। राज्य गठन के बाद पहली बार दिव्यांग सर्वेक्षण भी प्रारंभ किया गया है, जिससे दिव्यांगजनों की वास्तविक संख्या व आवश्यकताओं का सही आकलन हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने नवाचार शोधार्थियों से अपील की कि वे अपने आविष्कारों में दिव्यांगजनों की जरूरतों को विशेष स्थान दें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक विकसित कर दिव्यांगजनों के जीवन को और सुगम बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे युवाओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर 41 प्रतिभाशाली दिव्यांगजनों को सम्मानित किया और 8000 रुपये की पुरस्कार राशि, पदक, प्रशस्ति पत्र एवं मानपत्र प्रदान किए गए।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने देहरादून में 905.13 लाख रुपये की लागत से बनने वाले आयुक्त दिव्यांगजन उत्तराखण्ड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड तथा समाज कल्याण (आईटी सेल) के बहुउद्देशीय कार्यालय भवन का शिलान्यास किया। साथ ही प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र, नैनीताल का उद्घाटन भी किया।

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