चम्पावत , मार्च 18 -- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड की पारंपरिक धरोहरों को सहेजने में लगे हैं। बुधवार को इसी दिशा में सरकार की ओर से चंपावत के 'घराटों' (जल चक्की) के संरक्षण की पहल की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से 'मिसिंग लिंक फंड' के तहत चम्पावत जिले के 12 घराटों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 58.11 लाख रुपये की धनराशि को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है।
यह निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार की ओर से जिले के घराटों के पुनरोद्धार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि अन्य मदों से धनराशि उपलब्ध न होने के कारण इन परियोजनाओं को 'मिसिंग लिंक' के रूप में चिन्हित किया गया था।
समिति ने प्रस्ताव के महत्व को देखते हुए, विशेषकर स्थानीय आर्थिकी, पारंपरिक आजीविका और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इसे मंजूरी दी।
जिलाधिकारी कुमार ने कहा कि इस पहल से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों का संरक्षण होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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