जशपुर , जनवरी 05 -- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में धान खरीदी व्यवस्था में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोनपारा के धान खरीदी उपकेंद्र कोनपारा में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी पाए जाने पर छह अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ थाना तुमला में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

आरोपियों पर कुल छह करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपये के गबन का आरोप है। यह प्राथमिकी राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपैक्स बैंक) जिला जशपुर में पदस्थ नोडल अधिकारी राम कुमार यादव की लिखित शिकायत पर दर्ज की गई है।

शिकायत में धान खरीदी, भंडारण एवं परिदान में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।

पुलिस के अनुसार, धान खरीदी केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी भुनेश्वर साय, समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू, फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर नितेन्द्र साय, सहायक फड़ प्रभारी अविनाश अवस्थी तथा सह-सहायक फड़ प्रभारी चंद्र कुमार यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 320, 336, 338 एवं 61 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

संयुक्त जांच दल द्वारा की गई भौतिक जांच में यह सामने आया कि उपकेंद्र कोनपारा में ऑनलाइन रिकॉर्ड में एक लाख 61 हजार 250 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी, जबकि मिल एवं संग्रहण केंद्र में केवल एक लाख 40 हजार 663 क्विंटल धान का परिदान पाया गया। दस्तावेजों के अनुसार शेष 20 हजार 586.88 क्विंटल धान मौके पर उपलब्ध होना चाहिए था लेकिन यह पूरी तरह गायब मिला।

धान की भारी कमी उजागर होने के बाद मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस में प्रकरण दर्ज किया गया।

पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूर्ण होने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घोटाले से जिले की धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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