रायपुर , नवंबर 19 -- छत्तीसगढ़ की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर बदइंतजामी और लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और किसान भारी संकट में हैं।
बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके दीपक बैज ने आरोप लगाया कि 15 नवंबर से खरीदी शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। कई उपार्जन केंद्रों में धान की तौलाई बंद है, तो कहीं टोकन ऐप की तकनीकी खामियों और ऑनलाइन एंट्री में आने वाली दिक्कतों के कारण किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी अपनी उपज नहीं बेच पाने की समस्या झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि भोजन, कृषि और राजस्व विभाग के अनुभवहीन कर्मचारियों की तैनाती से पूरा सिस्टम अव्यवस्थित हो गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सहकारी समितियों के कर्मचारियों की जारी हड़ताल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों पर चर्चा करने की बजाय अन्य विभागों के कर्मचारियों से काम चला रही है, जिससे अव्यवस्था और बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बारदानों की कमी, परिवहन और मिलिंग व्यवस्था में कमजोरी जैसी समस्याएं किसानों की बेचैनी और बढ़ा रही हैं।
श्री बैज ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए समिति कर्मचारियों पर एस्मा लगाकर एफआईआर दर्ज कर रही है और उन पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटर, जिन्हें पहले 12 महीनों का वेतन मिलता था, अब केवल छह महीनों के भुगतान पर काम करने को मजबूर हैं, जिससे उनके सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है।
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