सारंगढ़-बिलाईगढ़ , जनवरी 29 -- ) छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर किसानों की परेशानी लगातार सामने आ रही है। इसी कड़ी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील मुख्यालय में धान बेचने से वंचित एक किसान को अंततः भूख हड़ताल का सहारा लेना पड़ा, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया और धान खरीदी के लिए टोकन जारी किया गया।

ग्राम अमूर्रा निवासी कृषक हलधर राव जाधव धान बेचने के लिए लंबे समय से संबंधित अधिकारियों और कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। कई बार आवेदन देने के बावजूद जब उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने 28 जनवरी को कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ के नाम तहसीलदार सरिया को अल्टीमेटम सौंपते हुए स्पष्ट किया था कि यदि 28 जनवरी तक धान खरीदी नहीं की गई, तो वे 29 जनवरी से भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

पूर्व घोषणा के अनुसार गुरुवार सुबह लगभग 10 बजे कृषक हलधर राव जाधव सेवा सहकारी समिति धान खरीदी केंद्र सरिया के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए। किसान के आंदोलन की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। तत्काल नोडल अधिकारी को किसान के निवास पर भेजकर धान का भौतिक सत्यापन कराया गया।

भौतिक सत्यापन पूर्ण होने के बाद सेवा सहकारी समिति सरिया द्वारा किसान के धान खरीदी के लिए तत्काल टोकन जारी किया गया, जिसके बाद किसान ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की। आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आंचलिक किसान संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में किसान के समर्थन में मौजूद रहे।

प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद किसान को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई गई। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी शरद यादव, आंचलिक किसान संघ अध्यक्ष मोहन पटेल तथा धान खरीदी केंद्र सरिया के नोडल अधिकारी विष्णु मेहरा ने भी मौके पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

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