बालोद , जनवरी 31 -- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतिम दिन शुक्रवार को भारी अव्यवस्था देखने को मिली। जिले के 7,565 किसान एक दाना भी धान नहीं बेच पाए, जबकि शाम होते-होते खरीदी पोर्टल लॉक हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि कई खरीदी केंद्रों पर चक्का जाम, हंगामा और झूमा-झटकी की स्थिति बन गई।
संजारी-बालोद क्षेत्र की पूर्व भाजपा विधायक कुमारी बाई साहू भी इस अव्यवस्था से नहीं बच सकीं। वे अपने बेटे, प्रदेश किसान मोर्चा के कार्यकारिणी सदस्य नरेश साहू के साथ सुबह 9 बजे से देर रात तक खरीदी केंद्र के बाहर बैठी रहीं, लेकिन उनका 268 क्विंटल धान नहीं बिक सका। उनके साथ बड़ी संख्या में ऐसे किसान भी मौजूद रहे, जो एक दाना भी नहीं बेच पाए थे। कई किसान रात में सोसायटी परिसर में ही सोने को मजबूर हो गए।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन देर रात तक कोई समाधान नहीं निकल सका। अधिकारियों की बेबसी किसानों के आक्रोश को और बढ़ाती रही।
नरेश साहू ने बताया कि 15 जनवरी से धान का टोकन काटना बंद कर दिया गया था, जिससे जिले के सैकड़ों किसान प्रभावित हुए। उन्होंने सहकारिता विभाग के उपपंजीयक राजेंद्र राठिया से भी शिकायत की थी। आश्वासन मिलने के बावजूद टोकन जारी नहीं हुआ। मजबूरी में वे अपनी वृद्ध मां के साथ खरीदी केंद्र में बैठे रहे।
शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक 56 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई। जिला सहकारी बैंक के अनुसार शाम को खरीदी पोर्टल लॉक हो गया और अतिरिक्त समय को लेकर शासन स्तर से कोई निर्णय नहीं आया।
30 जनवरी शाम 5 बजे तक जिले के 143 खरीदी केंद्रों में 1,47,554 किसानों ने 69,78,194 क्विंटल धान बेचा। जबकि कुल 1,55,119 किसान पात्र थे। इस तरह 7,565 किसान खरीदी से वंचित रह गए।
राज्य शासन द्वारा तय 82 लाख क्विंटल के लक्ष्य से 12 लाख 21 हजार 806 क्विंटल कम खरीदी हो सकी।
बालोद-दुर्ग मुख्य मार्ग के लाटाबोड़ में किसानों ने चक्का जाम किया। वहीं गुरुर ब्लॉक के सनौद खरीदी केंद्र में किसानों और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने देर रात तक गुंडरदेही-धमतरी मार्ग जाम रखा।
इसके अलावा जिले की सात तहसीलों में कांग्रेस पदाधिकारियों ने एक दिवसीय धरना और सांकेतिक चक्का जाम कर खरीदी के लिए अतिरिक्त समय की मांग की।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि भाजपा सरकार का "एक-एक दाना खरीदी" का दावा खोखला साबित हुआ। खरीदी लिमिट और टोकन व्यवस्था के कारण पंजीकृत किसानों को समय पर धान बेचने का मौका नहीं मिल पाया।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी पंजीकृत किसानों को टोकन जारी किए गए थे, लेकिन करीब 7 हजार किसान खरीदी केंद्र तक नहीं पहुंचे।
जिला खाद्य अधिकारी टीआर ठाकुर ने बताया कि लगभग 70 लाख क्विंटल धान खरीदी के साथ बालोद जिला प्रदेश में टॉप पर है। लक्ष्य पूरा न होने का कारण किसानों द्वारा 17 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण बताया गया।
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