भुवनेश्वर , फरवरी 18 -- ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही बुधवार को धान खरीद संकट और किसानों को रही परेशानी के मुद्दे को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सुचारू रूप से नहीं चली और शोर-शराबे के चलते प्रश्नकाल और शून्यकाल सहित सदन की कोई भी महत्वपूर्ण कार्यवाही नहीं हो सकी।

अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने बार-बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की, लेकिन विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के बीचों-बीच आ गए। सुबह 10:30 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, बीजद और कांग्रेस के सदस्य बैनर और तख्तियां लेकर अनाज मंडियों में कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे। व्यवस्था बनते न देख अध्यक्ष ने पहले सदन को 11:30 बजे तक और फिर दोबारा सदन शुरू होने पर हंगामा जारी रहने पर 11:32 बजे कार्यवाही को शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

कांग्रेस विधायक अशोक दास ने विरोध का बचाव करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार मंडियों में कुप्रबंधन को दूर करने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि किसान खरीद केंद्रों पर रातें बिता रहे हैं, लेकिन उनकी फसल नहीं खरीदी जा रही है, जिससे वे संकट में अपनी उपज सस्ते दामों पर बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिल मालिक धान उठाने को तैयार नहीं हैं और किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान का वादा भी पूरा नहीं किया गया है।

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