पटना, दिसम्बर 04 -- बिहार के सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने प्रदेश में धान अधिप्राप्ति की 01 दिसम्बर से 04 दिसम्बर तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी प्रमंडलों में समीक्षा की और कहा कि यह कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

श्री कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि धान बिक्री के लिए इच्छुक प्रत्येक किसान से प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) अथवा व्यापार मंडल के माध्यम से क्रय किया जाये। उन्होंने सहकारिता विभाग को धान क्रय में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि धान अधिप्राप्ति में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी और दोषी पाये जानने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाये, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसानों को पैक्स एवं व्यापार मंडलों के माध्यम से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य 36.5 लाख मेट्रिक टन के लक्ष्य प्राप्ति के लिए विभाग के सभी पदाधिकारी कार्य कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना की तरफ से राज्य में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 अन्तर्गत विकेन्द्रीकृत धान अधिप्राप्ति कार्यक्रम 01 नवम्बर 2025 से उत्तर बिहार के 19 जिलों एवं 15 नवम्बर 2025 से शेष 19 जिलों में जारी है।

इस बार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य सरकार ने साधारण धान के लिए 2369 रूपये प्रति क्विंटल एवं ग्रेड-ए धान के लिए 2389-रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पैक्स/व्यापार मंडल किसानों से जिस धान की खरीद करेंगे, उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ प्रति क्विंटल 25 रूपये का भुगतान किया जाएगा। अधिप्राप्त धान को पैक्स/व्यापार मंडल सम्बद्ध राईस मिलों में भेज कर चावल तैयार करते है और उसकी आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को की जाती है। पैक्स / व्यापार मंडलों को चावल आपूर्ति कार्य में प्रोत्साहन के लिये राज्य योजना से विभाग द्वारा प्रबंधकीय अनुदान भी दिया जाता है।

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