नयी दिल्ली , फ़रवरी 12 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा में परिवर्तन लाने और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए ज़िम्मेदार, नैतिक और भारत-केंद्रित स्वतंत्र एआई मॉडल बनाने का आह्वान किया है।
श्री प्रधान ने गुरुवार को भारत मंडपम में आयोजित भारत बोधन एआई सम्मेलन 2026 दो दिन के सम्मेलन में कहा कि शिक्षा जगत, उद्योग, नीति निर्माताओं, स्टार्टअप, नवोन्मेषकों, वैज्ञानिक नेतृत्व और कौशल विकास इकोसिस्टम को एक साथ लाता है ताकि शिक्षा में एआई को व्यापक रूप से एकीकृत किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को एआई-तैयार बनाने का आह्वान किया है तथा नैतिक, जिम्मेदार और समावेशी एआई के विकास और तैनाती की आवश्यकता पर बल दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत की एआई समावेशी डिजाइन, अंतरसंचालनीय संरचना और स्वतंत्र क्षमता वाली होगी। छात्रों को सशक्त बनाने और शिक्षकों का समर्थन करने के लिए शिक्षा में एआई को समाहित करने के महत्व पर बल देते हुए, उन्होंने सभी हितधारकों से शिक्षा में परिवर्तन लाने और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए स्केलेबल, जिम्मेदार, नैतिक और भारत-केंद्रित स्वतंत्र एआई मॉडल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सम्मेलन की सामूहिक बुद्धिमत्ता भारत की एआई क्षमता को बढ़ाने, एआई में भारत के नेतृत्व को मजबूत करने, शिक्षा में एक डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंडिविजुअल ( डीपीआई) बनाने और सभी के लिए एआई सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित