भुवनेश्वर , जनवरी 08 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के अंगुल-तलचर औद्योगिक क्षेत्र में खतरनाक रूप से बढ़ रहे वायु प्रदूषण का स्थायी समाधान खोजने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है।
श्री प्रधान ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को लिखे अलग-अलग पत्रों में इस क्षेत्र में गिरती वायु गुणवत्ता से सार्वजनिक स्वास्थ्य को होने वाले गंभीर खतरे की ओर ध्यान आकर्षित किया।
मंत्री ने अंगुल में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के लगातार 'गंभीर' श्रेणी में रहने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के सबसे प्रदूषित शहरों में तलचर का शामिल होना विशेष रूप से चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि इस स्थिति का बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण नियमों को सख्ती से लागू करने और वायु गुणवत्ता की वास्तविक समय में निगरानी को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कोयला मंत्रालय से उन्नत धूल नियंत्रण उपायों के साथ-साथ मशीनीकृत कोयला परिवहन प्रणाली शुरू करने का भी आग्रह किया।
श्री प्रधान ने औद्योगिक क्षेत्रों और खनन गलियारों के आसपास बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के माध्यम से 'ग्रीन बफर' बनाने और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत लक्ष्य-आधारित पहलों के विस्तार का प्रस्ताव भी दिया।
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