राजनांदगांव , जनवरी 20 -- छत्तीसगढ़ राजनंदगांव जिले के धर्मापुर स्थित कथित आश्रम एवं चर्च की आड़ में धर्मांतरण और नाबालिग बच्चों को रखने के मामले में आरोपी डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत प्रकरण दर्ज होने के बाद राजनांदगांव पुलिस की जांच का दायरा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँच गया है।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में चल रही विवेचना के दौरान आज आरोपी से पूछताछ में कई अहम और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अब आरोपी के अमेरिका कनेक्शन और विदेशी फंडिंग की मनी ट्रेल की गहन जांच कर रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने जमीनी स्तर पर गतिविधियों के संचालन के लिए एक संगठित नेटवर्क तैयार किया था, जिसमें पदाधिकारियों को "पॉल" का पदनाम दिया गया था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन पदाधिकारियों को ट्रेवल वाउचर्स के माध्यम से भुगतान किस प्रक्रिया से किया जाता था-ऑनलाइन क्लेम के जरिए या नकद रूप में। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस भुगतान के लिए धनराशि किस स्रोत से प्राप्त हो रही थी। लालबाग थाना क्षेत्र के सकूल दहान में दर्ज इस मामले में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से संदिग्ध प्रकृति की किताबें और ट्रेनिंग मॉड्यूल भी जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में इन पुस्तकों की भाषा, शब्दावली और प्रचार की शैली को ब्रेनवॉशिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन ट्रेनिंग प्रोग्राम्स का मास्टरमाइंड कौन है तथा मॉड्यूल और विषयवस्तु का चयन किस निर्णय इकाई द्वारा किया जाता था।
सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि धर्मांतरण गतिविधियों के लिए बड़ी मात्रा में महंगी पुस्तकें और सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस यह खंगाल रही है कि इन पुस्तकों की खरीद किसी विशेष एजेंसी के माध्यम से की गई थी या इन्हें सीधे उपलब्ध कराया गया था।
विवेचना में यह तथ्य भी सामने आया है कि गत दिसंबर में छत्तीसगढ़ में इस संस्थान द्वारा चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। पुलिस के अनुसार, शिविर में पढ़ाए गए कुछ विषय संदिग्ध प्रकृति के पाए गए हैं। अब यह जांच की जा रही है कि इन विषयों को पढ़ाने का उद्देश्य क्या था और सिलेबस का निर्धारण किस स्तर पर किया गया था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी डेविड चाको अमेरिका में अध्यापन कार्य के बाद भारत लौटते समय कितनी धनराशि लेकर आया था, वह राशि किन खातों में ट्रांसफर हुई और विदेशी मुद्रा को भारतीय मुद्रा में किस प्रक्रिया से बदला गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठन से जुड़े जोनल कमांडर और वरिष्ठ स्तर के पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर जल्द पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा। विवेचना के आधार पर आगे और धाराएँ बढ़ाए जाने की भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
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