शिमला/धर्मशाला , जनवरी 02 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने धर्मशाला के एक महाविद्यालय की 19 वर्षीय छात्रा की रैगिंग, यौन उत्पीड़न और मौत मामले में सख्त कार्रवाई तथा समयबद्ध जांच की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।

पार्टी ने यह निर्णय धर्मशाला पुलिस के इस मामले में महाविद्यालय के एक शिक्षक और तीन छात्राओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के एक दिन बाद लिया है। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता लड़की के पिता ने शिकायत की है कि 18 सितंबर को कॉलेज की तीन छात्राओं ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की और उसे धमकाया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान के एक शिक्षक ने छात्रा के साथ अश्लील हरकतें कीं।

शिकायतकर्ता ने कहा कि उत्पीड़न और मारपीट के बाद से उनकी बेटी मानसिक रूप से भी परेशान थी, जिससे उसकी सेहत में तेजी से गिरावट आयी। उसका इलाज हिमाचल प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में कराया, मगर उसकी स्थिति बिगड़ती रही और 26 दिसंबर को लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। पिता ने पुलिस को बताया कि चूंकि उनकी बेटी लंबे समय तक गंभीर रूप से बीमार रही और इसके बाद उनकी मौत से परिवार भी गहरे सदमे में था। इस वजह से शिकायत दर्ज करने में देरी हुई।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए माकपा के पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने बताया कि उन्होंने इस मामले में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी से बात की है कि ऐसे गंभीर मामलों में प्राथमिकी जरूरी है और बिना देरी के जवाबदेही तय होनी चाहिए।

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