धमतरी , दिसंबर 06 -- छत्तीसगढ़ के धमतरी में स्ट्रीट फूड का शौक लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है, बीते कुछ दिनों में मोमोज़ खाने से 40 से अधिक लोग बीमार पड़ गए, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है। मगरलोड ब्लॉक से सामने आए इस मामले ने जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया है।

प्रशासन के निर्देश पर खाद्य विभाग की चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा शनिवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट फूड की जांच की गई। कुल 70 नमूनों की जांच में 66 नमूने मानक के अनुरूप पाए गए, जबकि शेष नमूनों को असुरक्षित मानते हुए नष्ट कर दिया गया। साथ ही खाद्य व्यवसायियों को साफ-सफाई और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त हिदायत दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में लापरवाही पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि धमतरी में इससे पहले भी मोमोज़ खाने से कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है दुकानदार या ग्राहक? विशेषज्ञों का कहना है कि स्ट्रीट फूड खरीदते समय साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और तैयारी स्थल की हाइजीन को प्राथमिकता देना जरूरी है।

जब तक दुकानदार और ग्राहक दोनों मिलकर स्वच्छता का पालन नहीं करेंगे, तब तक स्ट्रीट फूड का शौक स्वास्थ्य के लिए जोखिम बना रहेगा। इसलिए स्ट्रीट फूड का सेवन करने से पहले उपभोक्ताओं को हाइजीन के प्रति जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित