धमतरी , नवंबर 19 -- छत्तीसगढ़ में धमतरी के घड़ी चौक इन दिनों अपनी बंद पड़ी नगर घड़ी को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लगभग एक साल से बंद पड़ी यह घड़ी तमाम कोशिशों के बावजूद ठीक नहीं हो सकी। अब हालात इस कदर पहुँच गए हैं कि नगर निगम के महापौर रामू रोहरा ने घड़ी को सुधारने वाले मेकैनिक के लिए 21,000 रुपये और मेकैनिक को खोजकर लाने वाले को 5,000 रुपये इनाम की घोषणा कर दी है। अब इस अनोखी इनाम घोषणा ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है।

धमतरी की जनता की हालांकि घड़ी चौक की घड़ी को लेकर राय बंटी हुई है।स्थानीय निवासी तामेश्वर सिन्हा के अनुसार "घड़ी हमारी शहर की पहचान है, यह बंद रहती है तो धमतरी की छवि पर असर पड़ता है।"राजकुमार तिवारी ने कहा कि, "घड़ी चौक अब विज्ञापन और आयोजनों का केंद्र बन चुका है। रोज़ाना ट्रैफिक जाम लगता है, यातायात बिगड़ जाता है।"शहर के व्यापारी दीपेश सोनी की माने तो यदि "घड़ी हट जाए तो शायद ट्रैफिक सुधर जाए।" कई लोग हालांकि घड़ी को शहर की "शान" बताते हैं, तो कई इसे "जाम की वजह" मानते हैं। इसी बहस के चलते मुद्दा राजनीति के मैदान तक पहुँच गया है।

इनाम घोषणा पर नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। श्री सोनकर ने कहा, "महापौर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। घड़ी एक साल से बंद है, इसे ठीक करवाने की जिम्मेदारी उनकी है। कथनी और करनी में फर्क साफ दिख रहा है। घड़ी आज तक नहीं बनवा सके और अब इनाम की घोषणा कर रहे हैं।"धमतरी नगर घड़ी को बने 17 साल हो चुके हैं। इसे बनाने पर करीब 35 लाख रुपये खर्च किये गए थे। वारंटी मात्र तीन साल की थी और शुरुआती वर्षो में घड़ी ठीक चली लेकिन उसके बाद बार-बार खराब होने का सिलसिला शुरू हुआ। तकनीकी वजहों से इसे ठीक कराने में बड़ी दिक्कतें आती रहीं क्योंकि- यह पुरानी तकनीक वाली घड़ी है, जिसके मेकैनिक केवल कोलकाता में उपलब्ध बताए जाते हैं।

निगम द्वारा कई बार कोशिश की गई, पर घड़ी फिर से बंद होती चली गई। अब स्थिति यह है कि जनता के पैसों से बनी यह घड़ी "सफेद हाथी" बन गई है।

घड़ी को ठीक करवाना नगर निगम के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। महापौर रामू रोहरा द्वारा इनाम की घोषणा यह दर्शाती है कि घड़ी को सही करने में स्थिति कितनी जटिल हो चुकी है।

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