वॉशिंगटन , फरवरी 08 -- द वॉशिंगटन पोस्ट के सीईओ विल लुईस ने शनिवार अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। कुछ ही दिनों पहले अखबार ने एक-तिहाई कर्मचारियों को निकालने की जानकारी दी थी।
श्री लुईस ने अखबार के कर्मचारी को भेजे ईमेल में उन्होंने लिखा, "दो साल के बदलाव के बाद अब मेरे लिए पद छोड़ने का सही समय है।"श्री लुईस की जगह कुछ समय के लिए द पोस्ट के मुख्य वित्तीय अधिकारी, जेफ डी ओनोफ्रियो लेंगे।
बुधवार को घोषित की गई बड़ी छंटनी में पोस्ट के सैकड़ों पत्रकारों को निकाल दिया गया। अखबार ने हालांकि यह नहीं बताया कि कितनी नौकरियां खत्म की जा रही हैं, लेकिन 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 800 पत्रकारों में से करीब 300 को निकाल दिया गया है।
बुधवार को छंटनी की घोषणा करने वाले कर्मियों के साथ बैठक में न तो श्री लुईस, न ही अखबार के अरबपति मालिक जेफ बेजोस शामिल हुए थे। कटौती उम्मीद से ज्यादा थी। इस कारण द पोस्ट का मशहूर खेल विभाग बंद हो गया। फोटोग्राफी कर्मचारियों को हटा दिया गया तथा मेट्रोपॉलिटन वाशिंगटन और विदेशों में कवरेज करने वालें पत्रकारों की संख्या में भारी कमी कर दी गयी है।
हालिया वर्षों में, 'द पोस्ट' ने अपनी प्रतिभाओं का बड़े पैमाने पर पलायन देखा और हजारों ग्राहकों को खो दिया। यह स्थिति बेजोस के उस फैसले के बाद पैदा हुई, जिसमें उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के अंत में कमला हैरिस के समर्थन वाले नियोजित लेख को रोकने का निर्णय लिया था और बाद में अपने 'संपादकीय' विभाग को अधिक रूढ़िवादी दिशा में मोड़ दिया था।
बेजोस के अधीन 'द पोस्ट' के पहले संपादक रहे मार्टिन बैरन ने राष्ट्रपति ट्रंप को 'खुश करने' की कोशिश के लिए अरबपति की आलोचना की और अखबार में जो कुछ भी हुआ, उसे 'ब्रांड की तत्काल, खुद से की गई तबाही का एक केस स्टडी' करार दिया।
ब्रिटिश मूल के श्री लुईस जनवरी 2024 में 'द पोस्ट' की जिम्मेदारी संभालने से पहले 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' में शीर्ष कार्यकारी थे। उनका कार्यकाल शुरुआत से ही उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जो छंटनी और एक विफल पुनर्गठन योजना के लिए जाना गया। इस कारण पूर्व मुख्य संपादक सैली बुजबी को इस्तीफा देना पड़ा।
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