शिमला , जनवरी 20 -- वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) चैंपियन द ग्रेट खली, उर्फ दलीप सिंह राणा ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में पांवटा साहिब के राजस्व विभाग के अधिकारियों पर बड़े पैमाने पर ज़मीन धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया और दावा किया कि पूरा पांवटा साहिब भ्रष्ट तरीकों से बेच दिया गया है।

द ग्रेट खली ने शिमला में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों सहित सभी भ्रष्ट अधिकारी बिना किसी डर के काम कर रहे हैं और खुद को संविधान से ऊपर समझते हैं। उन्होंने दावा किया कि वह खुद इस कथित घोटाले का शिकार हैं और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से हुए ज़मीन के गलत सौदों के कारण सैकड़ों अन्य निवासियों को भी इसी तरह का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने 2013 में पांवटा साहिब के सूरजपुर गांव में लगभग 16 बीघा ज़मीन खरीदी थी। हालांकि, सालों बाद अब राजस्व विभाग दावा कर रहा है कि वह ज़मीन किसी और की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी करीब 12 बीघा ज़मीन को सरकारी रिकॉर्ड में गलत तरीके से बीहड़ घोषित कर दिया गया है। उन्होंने इस घटना को चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि यह साफ तौर पर गंभीर अनियमितताओं और ज़मीन के रिकॉर्ड में हेरफेर को दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूरजपुर और भाटनवाली गांवों में 100 से ज़्यादा लोगों के साथ भी बड़ा धोखा हुआ है। उनके अनुसार, निवासियों की पुश्तैनी ज़मीन कागज़ों पर बदल दी गयी। खसरा नंबरों में हेरफेर किया गया, और ज़मीन अवैध रूप से दूसरों को बेच दी गई। द ग्रेट खाली ने आरोप लगाया कि इस पूरे घोटाले में तहसीलदार और अन्य वरिष्ठ राजस्व अधिकारी शामिल थे।

इस दौरान सूरजपुर की रहने वाली परमजीत कौर और जसवीर कौर ने भी अपने ज़मीन के दस्तावेज़ों में छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलेंगी और इस मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच की मांग करेंगी। प्रभावित ग्रामीणों ने मांग की कि राज्य सरकार और ज़िला प्रशासन इस मुद्दे की जांच के लिए पहले से गठित समिति को रद्द करे और इसके बजाय पूरे ज़मीन घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए ईमानदार अधिकारियों की एक नई टीम बनाए।

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