पुडुचेरी , मार्च 24 -- केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (द्रमुक) ने मंगलवार को 13 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए एक सीट अपने सहयोगी दलित संगठन वीसीके के लिए छोड़ दी है।

वीसीके इस आवंटन से असंतुष्ट है और चुनाव में अकेले उतरने का फैसला कर चुका है।

कांग्रेस की ओर से द्रमुक को कुल 30 सीटों में से 14 सीटें आवंटित की गई थीं। द्रमुक ने अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा आज ही की है लेकिन द्रमुक के उम्मीदवारों ने पार्टी आलाकमान की मंजूरी मिलते ही नामांकन पत्र पहले ही दाखिल कर दिए थे। ऐसा कांग्रेस के साथ सीट-बंटवारे के समझौते पर हस्ताक्षर में हुई देरी के कारण हुआ था। इस समझौते पर बाद में सोमवार को हस्ताक्षर हुए।

द्रमुक के जिन उम्मीदवारों ने कांग्रेस द्वारा लड़े जाने वाले 16 निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन पत्र दाखिल किए थे, वे नाम वापसी की अंतिम तिथि 26 मार्च को अपने नामांकन वापस ले लेंगे।

द्रमुक के उम्मीदवारों में आर. शिवा (राज्य संयोजक) विल्लिनौर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। यह उनकी मौजूदा सीट है। एस.एस. रंगन मंगलम से पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के खिलाफ मैदान में उतरेंगे। इनके अलावा पी. अंगालन (तिरुभुवानी), आर.आर. सेंथिल कुमार (बहौर-मौजूदा सीट), वी. संपत (मुदलियारपेट-मौजूदा सीट), अनिबल केनेडी (उप्पलम-मौजूदा सीट), एस. गोपाल (ओरलियनपेट), वी. कार्तिकेयन (नेल्लितोप्पे), विग्नेश कन्नन (राज भवन), ए. सेंथिल उर्फ रमेश (कलापेट), वडिवेलु (कादिरकामम), ए.एम.एच. नज़ीम (कराईकल दक्षिण-मौजूदा सीट) और नागा त्यागराजन (नेरवी-टी.आर. पट्टिनम-मौजूदा सीट) से चुनाव लड़ेंगे।

इस बीच, द्रमुक का सहयोगी दल वीसीके केवल एक सीट के प्रस्ताव से असंतुष्ट होकर अकेले चुनाव लड़ने और चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला कर चुका है। इस आशय का निर्णय कल रात चेन्नई में वीसीके के संस्थापक और लोकसभा सांसद थोल. थिरुमावलवन की अध्यक्षता में आयोजित उच्च-स्तरीय आपात बैठक में लिया गया।

एक बयान में श्री थिरुमावलवन ने कहा कि पिछले कई वर्षों से वीसीके, द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) का घटक दल रहा है और इस गठबंधन के तहत चुनाव लड़ता रहा है।

2001 में इस गठबंधन में वीसीके ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था। 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने वीसीके को केवल ओल्गेरेट निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया था। गठबंधन में किसी संकट से बचने के लिए वीसीके ने उसे स्वीकार किया और चुनाव लड़ा, लेकिन गठबंधन के सहयोगी दलों से कोई सहयोग नहीं मिला।

इस बार वीसीके ने तीन सीटें मांगी थीं। हालांकि, काफी उलझन के बाद कांग्रेस और द्रमुक ने नामांकन दाखिले की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सोमवार को ही सीट-बंटवारे का समझौता किया। कांग्रेस, जो गठबंधन में सबसे अधिक सीटों पर लड़ रही है, अन्य सहयोगियों को सीटें देने के लिए आगे नहीं आई। अंततः द्रमुक ने वीसीके को केवल एक सीट दी।

श्री थिरुमावलवन ने कहा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वीसीके को कौन-सी सीट आवंटित की गई है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के उम्मीदवारों ने उन निर्वाचन क्षेत्रों में भी नामांकन दाखिल कर दिए हैं, जहाँ वीसीके और सीपीआई के उम्मीदवार पहले से नामांकन भर चुके थे। वीसीके को अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि उसे कौन-सी सीट मिली है, जिससे पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी तनाव में हैं।

इसीलिए पार्टी ने फैसला किया है कि वह ओसुडु, नेत्तापक्कम और ओल्गेरेट निर्वाचन क्षेत्रों से अकेले चुनाव लड़ेगी, जहाँ उसके उम्मीदवारों ने पहले ही नामांकन पत्र दाखिल कर दिए हैं। श्री थिरुमावलवन ने कहा कि अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी सेकुलर डेमोक्रेटिक फ्रंट के उम्मीदवारों को समर्थन देगी।

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