चेन्नई , फरवरी 03 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने मंगलवार को पार्टी संस्थापक और अन्ना के नाम से मशहूर पूर्व मुख्यमंत्री सी. एन. अन्नादुरै, की 57वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये।
मुख्यमंत्री स्टालिन, अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों और द्रमुक के वरिष्ठ नेताओं के साथ, ओमंदूरार सरकारी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थित द्रमुक के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की प्रतिमा से एक मौन जुलूस के रूप में मरीना बीच स्थित अन्ना स्मारक तक पहुंचे, जहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में अन्नादुरै द्वारा किये गये कई ऐतिहासिक सुधारों को याद किया गया। इनमें उच्च न्यायालय द्वारा शून्य घोषित किए जाने के बावजूद आत्मसम्मान विवाहों को मान्यता देने के लिए कानून बनाना, राज्यों की स्वायत्तता और केंद्र में संघवाद को मजबूती देना, हिंदी थोपने के विरोध में सशक्त आवाज उठाना, तथा राज्य में तमिल और अंग्रेज़ी की दो-भाषा नीति को सुनिश्चित करना शामिल है। विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया कि राज्य का नाम तमिलनाडु रखने का श्रेय भी अन्ना को ही जाता है।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "पेरारिग्नर अन्ना तमिलों की अंतरात्मा हैं। केवल पुण्यतिथि पर ही नहीं, बल्कि हर दिन हमारे लिए अपने भाई को याद करने का दिन है।" उन्होंने कहा कि द्रमुक सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि तमिलनाडु का हर कोना अन्ना के नाम और विचारों से जुड़ा रहे-चाहे वह चेन्नई की प्रमुख अन्ना सलाई, अन्ना की प्रतिमाएं, अन्ना फ्लाईओवर, अन्ना लाइब्रेरी या अन्ना बस स्टैंड हों।
मुख्यमंत्री ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "भाषा थोपने, सांस्कृतिक हस्तक्षेप, वित्तीय संकट पैदा करने और हर तरह के विश्वासघातियों को साथ लेने जैसी कार्रवाइयों के बावजूद, अन्ना के तमिलनाडु में भाजपा सरकार के अहंकार और वर्चस्व के लिए हमेशा 'गो बैक' ही रहेगा।"उन्होंने कहा, "चाहे कितने ही साल बीत जाएं, तमिलनाडु पर अन्ना का शासन कायम रहेगा।"इस अवसर पर राज्यभर में द्रमुक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अन्नादुरै को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी बीच, तमिलनाडु सरकार ने राज्य के सभी मंदिरों में अन्नदानम (नि:शुल्क भोजन) का आयोजन किया, जिसमें उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन और अन्य मंत्रियों ने भाग लिया और आम लोगों के साथ भोजन किया।
सत्तारूढ़ द्रमुक के सहयोगी दलों, प्रमुख विपक्षी अन्नाद्रमुक और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस अवसर पर द्रविड़ आंदोलन के महान नेता को श्रद्धांजलि दी। अन्नाद्रमुक महासचिव एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने काली शर्ट पहनकर, वरिष्ठ पार्टी नेताओं और पूर्व मंत्रियों के साथ अन्ना स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने शहर स्थित ग्रीनवेज़ रोड पर अपने आधिकारिक आवास पर अन्नादुरै के चित्र पर भी श्रद्धांजलि दी।
श्री ईपीएस ने भावुक श्रद्धांजलि में अन्ना को "एक साधारण व्यक्ति, जिसने असाधारण जीवन जिया" बताया और कहा कि श्रद्धेय 'अन्ना' का नाम पीढ़ियों से लोगों की जुबान पर है। उन्होंने अन्नादुरै के प्रसिद्ध विचार को उद्धृत किया- "लोगों के पास जाओ, उनके साथ रहो, उनसे सीखो, उनसे प्रेम करो और उनकी सेवा करो"- और कहा कि ये केवल शब्द नहीं, बल्कि ऐसे सिद्धांत थे, जिन पर अन्ना ने पूरे जीवन अमल किया।
श्री ईपीएस ने कहा, "आज भी पेरारिग्नर अन्ना द्रविड़ राजनीति के ध्रुवतारे हैं। तानाशाही के खिलाफ जिस जन-आधारित गठबंधन का उन्होंने नेतृत्व किया, उसी ने आने वाले दशकों के लिए तमिलनाडु की राजनीतिक दिशा तय की। उन्होंने कहा कि अन्ना के नाम वाली अन्नाद्रमुक की यह ऐतिहासिक जिम्मेदारी है कि वह तमिलनाडु की रक्षा करे और उसे विनाशकारी ताकतों से बचाए।
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